जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मप्र हाईकोर्ट में एंबुलेंस घोटाले में पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और उनकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर जनहित याचिका दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस सुजय पॉल की युगलपीठ ने इस मामले में शासकीय अधिवक्ता को राज्य शासन से निर्देश लेकर कोर्ट को अवगत कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

कोई कार्रवाई नहीं की गई : डिंडोरी निवासी वीरेन्द्र केशवानी की ओर से दायर याचिका में कहा है कि वर्ष 2012-13 में डिंडोरी की गजानन शिक्षा एवं जनसेवा समिति को एनआरएचएम के अंतर्गत दीनदयाल चलित अस्पताल योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में एंबुलेंस किराए पर देने का काम मिला था। इस समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और सचिव उनकी पत्नी ज्योति धुर्वे, कोषाध्यक्ष बलवीर खनूजा थे। समिति ने फायर ब्रिगेड वाहन, स्कूल बस, डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर का नंबर लगाकर भुगतान प्राप्त कर लिया। तत्कालीन कलेक्टर ने मामले की जांच करने के बाद एफआइआर और रिकवरी का आदेश जारी किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। हाई कोर्ट ने वर्ष 2016 में एक माह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर फिर से जनहित याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता राजेश चंद और आरबी साहू ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी एंबुलेंस घोटाले में कार्रवाई नहीं की गई है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को राज्य शासन से निर्देश लेकर अवगत कराने के लिए कहा है। मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद नियत की गई है।

Posted By: Brajesh Shukla

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