जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। उपनगरीय क्षेत्र रांझी अंतर्गत नानक नगर में गंदगी का आलम है। इस वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। कई जगहों पर सड़क और नाली के बीच का अंतर खत्म हो गया है। जहां देखो वहां से गंदगी बहती नजर आ जाती है। इस वजह से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। वे खेलने जाते हैं और संक्रमण लेकर लौटते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नदारत है। नवरात्र जैसे महापर्व के दौरान भी जिम्मेदार अमले ने साफ-सफाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। इससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। किसी भी दिन आंदोलन हो सकता है। क्षेत्रीय युवाओं का कहना है कि जन प्रतिनिधि शिवाय आश्वासन के कुछ नहीं देते। कायदे से सफाई के प्रति गंभीर होना चाहिए। लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है। सुअर दिन-रात गंदगी फैलाते रहते हैं, लेकिन उनके नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पूर्व में ज्ञापन तक सौंपे गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

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क्षेत्र में गंदगी कब दूर होगी, यह यक्ष-प्रश्न बन गया है। सालों गुजर गए लेकिन गंदगी यथावत है। नालियों का तंत्र जब तक माकूल नहीं बनाया जाता, यह समस्या दूर होने से रही। जनता यूं ही शिकायत करती रहेगी और जिम्मेदार विभाग कान में रुई ठूंसे बैठे रहेंगे।

- सोनू दुबे

यहां चारों तरफ घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता नजर आ जाता है। कायदे से निकासी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। वाहनों से यह गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। इस तरह संक्रामक बीमारियों के लिए माहौल बन जाता है।

- राजेश सिंह

अनेक बार प्रदर्शन हुए। ज्ञापन सौंपे गए। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। नानक नगर और गंदगी का चोली-दामन सा साथ हो गया लगता है। इस वजह से जनता त्रस्त है। अब किसी बड़े आंदोलन के बिना समस्या दूर नहीं होगी ऐसा माना जाने लगा है।

- नीरज दुबे

Posted By: Brajesh Shukla

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