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जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबलपुर समेत आसपास के जिलों की सैकड़ों लड़कियों को राजस्थान में बेचा गया है। गरीब परिवार की कई लड़कियां ऐसी हैं जिन्हें अच्छा घर-परिवार मिल गया और वे अब लौटना ही नहीं चाहतीं वहीं ज्यादातर के हालात मजदूर व सेक्स वर्कर से भी बुरे हैं। बालिग व नाबालिग लड़कियों को राजस्थान के शहरों में बेचने का गोरखधंधा वर्षों से चल रहा है। राजस्थान में यदि गहन छानबीन की जाए तो इसके प्रमाण सामने आ जाएंगे। अधारताल थाना क्षेत्र निवासी युवती को मुक्त कराने पहुंचे लोगों में से एक ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी है।

अधारताल क्षेत्र निवासी युवती को मानव तस्करी का गिरोह चलाने वाली आरती यादव नामक महिला बहला फुसलाकर राजस्थान ले गई थी। जहां उसे दो लाख रुपए में बेचकर अधेड़ से शादी करवाने के बाद जबलपुर भाग आई थी। कंचनपुर क्षेत्र में किराए से रहने वाली आरोपित महिला मकान खाली कर भाग चुकी है। इधर, मंगलवार को एएसपी राजेश त्रिपाठी ने अधारताल पहुंचकर फिर पीड़ित युवती व परिजन के बयान लिए। बताया जाता है कि कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे भी कड़ी पूछताछ की जा रही है।

मोबाइल नेटवर्क के सहारे रातभर दबिश देती रही पुलिस टीमें-

संदेहियों को पकड़ने के लिए उनके मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस टीमें मंगलवार को रातभर संभावित ठिकानों पर दबिश देती रहीं। इस दौरान कुछ संदेहियों को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है। बताया जाता है कि संदेहियों से मानव तस्करी के बारे में पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।

घाना खमरिया तक तलाश-

मानव तस्करी का गिरोह चलाने वाली आरती का मायका घाना खमरिया में है। अधारताल पुलिस टीम ने वहां भी दबिश दी लेकिन आरती का पता नहीं चल पाया।

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राजस्थान से लाई गई युवती के बयान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उसे राजस्थान ले जाने वालों की तलाश की जा रही है।

राजेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी

Posted By: Nai Dunia News Network

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