जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबलपुर रेलवे स्टेशन में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और उनकी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 1 जुलाई से रिमॉडलिंग का काम शुरू हो रहा है। रेलवे बोर्ड के मेम्बर इंजीनियरिंग विश्वेश चौबे ने रिमॉडलिंग के काम की तैयारियों का जायजा लेने जबलपुर पहुंचे थे। निरीक्षण के दूसरे दिन उन्होंने मुख्य रेलवे स्टेशन की रिमॉडलिंग के काम की समीक्षा की।

उन्होंने प्लेटफार्म पर पटरियों से लेकर ट्रैक, पॉइंट सिग्नल समेत हर तकनीकी बारीकियों को समझा और पश्चिम मध्य रेलवे जोन व मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टेशन रिमॉडलिंग के काम की गुणवत्ता और रफ्तार, दोनों बेहतर हो। यह ऐसा हो, जो दूसरे रेलवे जोन के लिए उदाहरण बने। इसके बाद वे गोंडवाना एक्सप्रेस से जबलपुर से दमोह तक विंडों निरीक्षण किया।

ब्लाक में लिए समय पर करें पूरा काम

स्टेशन की रिमॉडलिंग के दौरान सबसे मुख्य काम इंजीनियरिंग विभाग का है। इसमें पटरियों को बदलने से लेकर इंजीनियरिंग के बड़े काम किए जाने हैं। इंजीनियरिंग अधिकारी ने मेम्बर इंजीनियरिंग को बताया कि वे किस तरह यह काम करेंगे । काम की रफ्तार बढ़ाने और रेलवे ब्लॉक में लिए गए समय पर काम करने के लिए जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा की गई तैयारियों से भी उन्हें अवगत कराया गा। इस दौरान मेम्बर इंजीनियरिंग ने कहा कि काम की रफ्तार ऐसी हो, कि पैसेंजर ट्रेनों को कम से कम प्रभावित किया जाए। रिमॉडलिंग के काम की गुणवत्ता को भी परखा जाए, ताकि लंबे समय तक रेलवे और यात्री, दोनों के लिए सुविधाजनक हो।

गोंडवाना से विंडो कोच में बैठकर

बुधवार दोपहर को उन्होंने जोन और मंडल के निर्माण विभाग, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के साथ जबलपुर से दमोह के बीच रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। दोपहर 3 बजे गोंडवाना एक्सप्रेस के रैक में आखिर में विंडो कोच लगाया गया। उन्होंने जबलपुर से लेकर कटनी और फिर कटनी से लेकर दमोह तक रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया । ट्रैक की स्पीड बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network