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छात्रों ने सुनाई व्यथा, कमेटी की रिपोर्ट कुलपति शीघ्र भेजेगें शासन को

जबलपुर। नईदुनिया न्यूज

सुखसागर मेडिकल कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई में हो रही अनियमितताओं को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई आरंभ कर दी है। लगातार मिल रहीं शिकायतों की जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कमेटी बनाकर शुक्रवार को सुखसागर मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजा। कॉलेज में कमेटी के सदस्यों को कुल एक महिला चिकित्सक मिलीं, कॉलेज के दूसरे चिकित्सक जांच टीम के लौटने के बाद कॉलेज पहुंचे। इनके अलावा कॉलेज प्रबंधन से कोई भी जिम्मेदार और अन्य शिक्षक नहीं मिले। कमेटी की जांच रिपोर्ट शुक्रवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और डीएमई को भेज दी गई है।

सुबह पहुंची जांच कमेटी

शुक्रवार को सुबह ठीक 9 बजे मेडिकल कॉलेज जबलपुर के बायोकैमिस्ट्री विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक साहू की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी सुखसागर मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां कमेटी के सदस्यों ने देखा कि गेट पर ताला लगा है। कॉलेज का गेट खुलने की प्रतीक्षा में सैकड़ा भर से अधिक छात्रा गेट के बाहर खड़े हैं। कमेटी ने कॉलेज का मुआयना करते हुए वीडियो भी बनाए।

पहले छात्रों से की बात

जांच कमेटी के सदस्यों ने सबसे पहले गेट पर खड़े छात्रों से उनकी समस्या जानी। इसके साथ ही कॉलेज में हो रही अनियमितता के प्रमाण भी लिए। छात्रों ने एक-एक कर अपनी सभी समस्याओं ने जांच कमेटी के सदस्यों को अवगत कराया। छात्रों से की गई बातचीत का भी वीडियो बनाया।

छात्रों ने बताईं ये शिकायतें लिखित में दीं

- कॉलेज को एमसीआई से मान्यता नहीं है। इससे उनकी डिग्री केवल एक कागजी प्रमाण बन रह जाएगी। उन्हें आगे पढ़ाई के लिए मशक्कत करना पड़ेगी।

- कॉलेज में भावी डॉक्टरों की पढ़ाई के लिए विषय के विशेषज्ञ शिक्षक नहीं हैं। शिक्षकों को बाहर से बुलाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।

-कॉलेज के अस्पताल में मरीज नहीं आते। किसी भी जांच दल के आने पर कॉलेज के कर्मचारियों को ही मरीज बनाकर दिखाया जाता है। इससे छात्र चिकित्सा का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

- छात्रों की अब तक छह सेमेस्टर की फीस जमा है। अभी छठवां सेमेस्टर चल रहा है। अब कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों पर दबाव बनाकर सातवें और आठवें सेमेस्टर की फीस वसूल करने का प्रयास किया जा रहा है।

- फीस वसूलने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों पर कॉलेज के कर्मचारियों को बंधक बनाकर अभद्रता करने का झूठा आरोप लगाया है।

- कॉलेज के में प्रवेश के समय छात्रों से पोस्टडेटेड चेक लिए गए थे। उन चेकों को समय से पहले बैंक में लगाकर बाउंस करा लिए। अब लीगल नोटिस देकर छात्रों का धमकाया जा रहा है।

ये है मामला

सुखसागर मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा कॉलेज की मान्यता, कॉलेज में विशेषज्ञ शिक्षकों के ना होने और कॉलेज प्रबंधन द्वारा जबर्दस्ती फीस वसूलने की शिकायत की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज छात्रों में पढ़ाई बंद करा दी है। साथ ही कॉलेज के गेट में बाउंसर नियुक्त छात्रों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। इससे छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। बताया गया है पिछले तीन दिन से पूरे दिन छात्र कॉलेज गेट के सामने खड़े रहते हैं। उन्हें कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। गुरुवार को तेज धूप में खड़ी कुछ छात्राओं के बेहोश होने की भी खबर है।

वर्जन....

जांच कमेटी ने सुखसागर मेडिकल कॉलेज की जांच की। छात्रों से बातचीत भी की। इसकी रिपोर्ट प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और डीएमई को भेज दी गई है।

ड़ा. आरएस शर्मा, कुलपति मेडिकल यूनिवर्सिटी