जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इटारसी से जबलपुर होते हुए मानिकपुर-छिवकी तक तकरीबन 653 किमी लंबी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। परियोजना का काम जितनी रफ्तार से शुरू किया गया था उतनी ही रफ्तार से धीमा भी पड़ गया। इटारसी से कटनी तक के रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण कर विद्युत इंजन से ट्रेनें भी चलने लगीं, लेकिन कटनी से मानिकपुर होते हुए छिवकी तक के रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम अभी भी अधूरा ही है। कभी सीबीआई की जांच, तो कभी ठेकेदार की लापरवाही ने इस काम की रफ्तार बढ़ने नहीं दी। वहीं रेलवे के आरई विभाग के भ्रष्टाचार ने रफ्तार को और धीमा कर दिया।

सीआरएस के निरीक्षण के बाद भी नहीं दौड़ा विद्युत इंजन

सतना से मानिकपुर तक रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा कर लिया गया था। इसकी जांच करने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे जोन के सीआरएस अरविंद जैन जबलपुर से सीधे सतना पहुंचे। ट्रेन से इस ट्रैक का निरीक्षण किया। बावजूद इसके अधूरे और सुरक्षा से जुड़े कई कामों को पूरा न होने की वजह से अभी तक कटनी से मानिकपुर के बीच विद्युत इंजन से ट्रेन नहीं चल रही। हालांकि मानिकपुर से सतना होते हुए रीवा तक विद्युत इंजन के साथ ट्रेनों को चलाया जा रहा है।

ऐसे हैं हालात

इटारसी से कटनी तक रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। कटनी से सतना के बीच ठेका रद्द होने से ट्रैक के विद्युतीकरण का काम रुक गया है, हालांकि उससे आगे सतना से मानिकपुर तक का काम भी लगभग पूरा हो गया है। सतना से मानिकपुर के बीच 77 किमी लंबा रेलवे ट्रैक है, जिसके विद्युतीकरण का काम इलाहाबाद विद्युत विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस काम को डेढ़ साल पूर्व हो जाना था, लेकिन जबलपुर से कटनी और कटनी से सतना और मानिकपुर के बीच चल रहे काम की सीबीआई ने जांच की, जिसमें भारी गड़बड़ियां मिलीं, जिसके बाद यह काम रोक दिया गया। सीबीआई की जांच पूरी होने के बाद अब दूसरी एजेंसी को यह काम दिया गया है।

अभी इसमें लगेगा वक्त

सीबीआई जांच के बाद कटनी से सतना के लिए रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम जिस एजेंसी को दिया, उसने भी लापरवाही की। इसके बाद यह भी ठेका रद्द कर दिया गया। अब तीसरी बार ठेका होने के बाद काम शुरू हुआ है। काम पूरा होने के बाद सीआरएस की स्वीकृति ली जाएगी, जिसमें लगभग 9 से 10 माह का और वक्त लग सकता है।

ये मिलेगा फायदा

- सतना से मानिकपुर तक विद्युत इंजन से पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा।

- कटनी से सतना का विद्युतीकरण के बाद इटारसी से सीधे मानिकपुर तक विद्युत इंजन से ट्रेनें चलेंगी।

- जबलपुर, कटनी और मानिकपुर में इंजन बदलने में समय नहीं लगेगा।

- इस रूट पर चलने वाली यात्री और माल गाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।

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वर्जन...

जबलपुर से कटनी और जबलपुर से इटारसी तक तो ट्रेनों को विद्युत इंजन से चलाया जा रहा है, लेकिन कटनी से इलाहाबाद के बीच नहीं। पता नहीं कब पूरा होगा काम।-नरेन्द्र सिंह

रेलवे जो वादा करती है, वह समय पर नहीं निभाती। इसका जीता जागता उदाहरण इटारसी-मानिकपुर-छिवकी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण है, पता नहीं कब होगा काम।- मनीष मेश्राम

रेलवे की अधिकांश परियोजना में लापरवाही और भ्रष्टाचार सामने आता है। इस ट्रैक के विद्युतीकरण में भी यही हुआ। सीबीआई तक ने इसकी जांच कर ली।-नीतू सिंह

जिस रफ्तार से रेलवे काम शुरू करती है, उस रफ्तार से पूरा नहीं करती। रेलवे के ऊपर भी एक एजेंसी या विभाग होना चाहिए, जो इन कामों को देख।- मो.सहजाद

रेलवे की परियोजनाओं का बजट अधिक होता है, इसलिए गड़बड़ी और भ्रष्टाचार भी होता है। इनकी जांच के लिए हर समय काम होना चाहिए।- कुनाल कुमार

जबलपुर से इलाहाबाद के बीच न तो नियमित ट्रेन चलाई गई न ही इस रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा हुआ, पता नहीं काम कब पूरा होगा। - प्रहलाद गर्ग

Posted By: Nai Dunia News Network