जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 18 अक्टूबर 2016 को जबलपुर आगमन के दौरान

मदनमहल स्टेशन को टर्मिनल बनाने की घोषणा की थी। 34 माह बाद भी स्थिति ये है कि अभी सिर्फ प्लेटफार्म को चौड़ा करने का काम ही शुरू हो सका है। स्टेशन को टर्मिनल बनाने पश्चिम मध्य रेलवे का निर्माण विभाग यही तय नहीं कर पा रहा है कि मदन महल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से लगी मुख्य बिल्डिंग तोड़ें या नहीं। इतना ही नहीं पश्चिम मध्य रेलवे जोन मुख्यालय से मदनमहल स्टेशन महज 3 किमी दूर है, लेकिन आज भी यहां न पर्याप्त यात्री सुविधाएं हैं, न ही उनकी सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम। यहां से 24 घंटे में 100 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन 10 से 12 ट्रेन ही यहां ठहरती हैं। पार्किंग व्यवस्था भी भगवान भरोसे है।

सरकार और रेलवे के बीच नहीं बना जॉइंट वेंचर-मदनमहल स्टेशन को टर्मिनल बनाने का काम ज्वाइंट वेंचर के जरिए होना था। पश्चिम मध्य रेलवे को मध्यप्रदेश सरकार के साथ जॉइंट वेंचर बनाकर इस प्रोजेक्ट के लिए पैसा जुटाना था, लेकिन न तो जॉइंट वेंचर बना न ही प्रदेश सरकार ने इसमें कोई रुचि दिखाई। डेढ़ साल तक रेलवे बोर्ड और पश्चिम मध्य रेलवे जोन ने प्रदेश सरकार की हां का इंतजार किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो एक लाख रुपए की टोकन मनी देकर इसे खुद बनाने का निर्णय लिया।

दो साल बाद टर्मिनल के लिए मिले 15 करोड़- रेलवे ने मदनमहल स्टेशन में टर्मिनल बनाने के लिए इस बार 15 करोड़ रुपए दे दिए हैं। इससे नया प्लेटफार्म बनाने से लेकर उसे चौड़ा करने का काम किया जाएगा। हालांकि इस बार भी प्लेटफार्म नंबर 1 और 2 को पूरी तरह से शेड से कवर करने के लिए बजट नहीं दिया गया है। यानी यात्रियों को सिर्फ प्लेटफार्म नंबर 3 पर ही शेड मिलेगा। 1 और 2 नंबर प्लेटफार्म पर धूप में खड़े होकर ही उन्हें ट्रेन पकड़नी होगी।

पिंक स्टेशन बना दिया, पर सुरक्षा नहीं दी-मदनमहल स्टेशन को टर्मिनल बनाने से पहले पिंक स्टेशन का दर्जा दे दिया। जबलपुर मंडल ने महिला दिवस पर इसे पिंक स्टेशन बनाकर कमर्शियल से लेकर मैकेनिकल, ऑपरेटिंग और इंजीनियरिंग विभाग की महिला कर्मचारियों को यहां तैनात कर दिया, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए न तो आरपीएफ के पास महिला जवान हैं, न ही जीआरपी के पास। कहने को तो यहां महिला कर्मचारी काम करती हैं, लेकिन सुरक्षा पुरुष जवान ही संभाल रहे हैं।

टर्मिनल बनाने ये हो रहा काम-मदनमहल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। प्लेटफार्म के सर्कुलेशन एरिया की तरफ इसकी चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। इसके लिए स्टेशन की बाउंड्रीवाल को तोड़ने का काम किया जाना है। इधर अंडरब्रिज को भी तकरीबन 6 फीट चौड़ा किया जाना है, जिसके लिए खुदाई का काम शुरू हो गया है। जबलपुर रेलवे स्टेशन की रिमॉडलिंग की वजह से टर्मिनल का काम पिछले कुछ दिनों से बंद है। रिमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद दोबारा इस काम को शुरू किया जाएगा।

दूसरी किश्त मिलेगी तब बनेगा नया प्लेटफार्म-जबलपुर से इटारसी की ओर रवाना होने वाली अधिकांश ट्रेनों को मदनमहल से रवाना करने की भावी योजना है। इसके लिए यहां पर नया प्लेटफार्म बनाया जाना है, लेकिन न तो अभी इसके लिए पैसा आया है, न ही इस योजना पर काम चल रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे के निर्माण विभाग को टर्मिनल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। टर्मिनल के लिए रेलवे बोर्ड से पहली किश्त 15 करोड़ रुपए मिल गई है, जिससे प्राथमिकता वाले कामों को किया जा रहा है। दूसरी किश्त में ही नए प्लेटफार्म का काम शुरू होगा।

वर्जन

1- जबलपुर स्टेशन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब दूसरे बड़े रेलवे स्टेशन की जरूरत महसूस होने लगी है। यदि मदनमहल स्टेशन को विकसित किया जाता है तो यह कमी दूर हो जाएगा।

-रोहित बाधवानी, स्टूडेंट

2- मदनमहल स्टेशन को यदि टर्मिनल बना दिया जाए तो न सिर्फ इटारसी बल्कि साउथ इंडिया की ओर जाने वाली ट्रेनों को भी यहां से रवाना किया जाने लगेगा, जिसका फायदा यात्रियों को मिलेगा।

-अंशुल जैन, यात्री

3- रेलवे की दूसरी परियोजनाओं की तरह मदनमहल स्टेशन को टर्मिनल बनाने की योजना का भी हाल सुस्त हो गया है। काम की रफ्तार पौने तीन साल में भी नहीं बढ़ सकती है।

-अंकित शर्मा, बिजनेस मेन

4- मदनमहल स्टेशन को विकसित किया जाना चाहिए, ताकि मुख्य रेलवे स्टेशन में यात्रियों का दबाव कम हो सके। इतना ही नहीं यहां पर यात्रियों की सुविधा में भी इजाफा होना चाहिए।

-अमित दुबे, व्यापारी

5- जबलपुर स्टेशन में मिलने वाली सुविधाओं को मदनमहल स्टेशन पर भी देना चाहिए, ताकि यात्रियों को एक बेहतर और सुविधाजनक स्टेशन शहर के बीच में मिल सके।

-अमित चौधरी, दुकानदार

6- मदनमहल स्टेशन की पार्किंग को सुधारने के लिए भी रेलवे को ध्यान देना चाहिए। यहां पर न तो पार्किंग व्यवस्था बेहतर है, न ही यहां खड़े होने वाले वाहन सुरक्षित हैं।

- विल्सन जॉर्ज, दुकानदार

7- स्टेशन को पिंक बनाने से ही काम नहीं बनता, बल्कि रेलवे को यह चाहिए कि यहां तैनात महिला कर्मचारी और यात्रियों की सुरक्षा को भी बेहतर करे।

-सुभांग चौबे, स्टूडेंट

8- टर्मिनल बनाने का काम जल्द से जल्द खत्म हो ताकि यात्रियों को इसका फायदा मिले, लेकिन काम की जोर रफ्तार है उसे देखकर ऐसा नहीं लगता कि यह काम जल्द होगा।

-नीतेश बेन, व्यापारी