जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मेडिकल स्टोर संचालक महेश साहू को नशीले इंजेक्शन बेचने वाले कारोबारी दवा बाजार में बैठे हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान महेश से जब्त इंजेक्शन के बैच नंबर के आधार पर ओमती पुलिस उन दवा कारोबारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। औषधि विभाग से पत्राचार कर पता लगाया जाएगा कि कंपनी द्वारा किन फर्मों को इंजेक्शन की सप्लाई की गई थी।

वहीं महेश ने पूछताछ में कुछ कारोबारियों के नाम बताए हैं जिनसे वह दवा बाजार से अपनी दुकान के नाम पर इंजेक्शन खरीदकर नशेड़ियों को बेचता था। विदित हो कि क्राइम ब्रांच और ओमती पुलिस की संयुक्त दबिश में महेश को सिविक सेंटर से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इधर, इस कार्रवाई के बाद भी नशे के अवैध कारोबारी दवा दुकानदारों की पतासाजी न कर औषधि विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।

सार्वजनिक स्थल से लेकर घर-घर आपूर्ति

पुलिस की पूछताछ में महेश ने बताया कि दवा कारोबारियों से नशीले इंजेक्शन, टैबलेट, सीरिंज आदि खरीदकर वह सार्वजनिक स्थलों में नशेड़ियों को बेचता था। आवश्यक होने पर वह इसकी घर-घर सप्लाई करता था लेकिन होम डिलीवरी के बदले अतिरिक्त रकम वसूल करता था। उसने बताया कि नशे के आदी लोग किसी भी कीमत पर इंजेक्शन खरीदने तैयार रहते हैं, जिन्हें वह दो से तीन गुने दाम पर इंजेक्शन बेचता था।

यह है मामला

लालमाटी साहू मोहल्ला घमापुर निवासी महेश साहू को पुलिस ने गुरुवार को सिविक सेंटर से गिरफ्तार किया था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने योजना बनाई और एक युवक को हस्ताक्षरित नोट देकर इंजेक्शन खरीदने भेजा। महेश ने उसे इंजेक्शन बेच दिया जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे दबोचकर उसके कब्जे से हस्ताक्षरित नोट जब्त किया।

उसके विरुद्ध धारा 328 एवं 6,9,10,5 औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपित को पकड़ने में क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक प्रमोद पांडेय, धनंजय सिंह, विजय शुक्ला, रामगोपाल, राममिलन, खुमान, मोहित, बीरबल, दीपक की भूमिका रही।

नशे के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंजेक्शन बेचने वाले आरोपित ने पूछताछ में कई दवा कारोबारियों के नाम बताए हैं। दवा बाजार के कारोबारियों का भी पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी। -एसपीएस बघेल, टीआई ओमती