जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के किसानों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। किसान संघों की मांग पर कलेक्टर भरत यादव और कमिश्नर राजेश बहुगुणा ने एकल खिड़की के प्रस्ताव मान लिया है। एकल खिड़की में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन के अलावा कृषि वैज्ञानिक, नाबार्ड और अन्य बैंक के प्रतिनिधि भी किसानों को मदद देने उपलब्ध रहेंगे। हालांकि यह काम अगले कुछ हफ्तों में पूरा होने की उम्मीद है। भारत कृषक समाज के प्रांत अध्यक्ष केके अग्रवाल ने यह मुद्दा अफसरों के सामने बैठक में उठाया था। लेकिन एकल खिड़की व्यवस्था को लागू करने पर अफसर तैयार नहीं हुए। बहुत देर तक चली बहस के बाद अफसरों को किसानों के हित में एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने पर सहमति देनी पड़ी।

इस तरह मिलेगा किसानों को लाभ

- एकल खिड़की व्यवस्था में किसानों की आय दोगुनी करने और सभी तरह की योजनाओं के बारे में एक जगह पर जानकारी व लाभ दिया जाएगा।

-किसान को अपने भूमि व बैंक से जुड़ी जानकारी संबंधित अफसरों को देनी होगी।

- किसान की जरूरत के आधार पर उन्हें कृषि संबंधित योजनाओं का लाभ मिलेगा।

- अभी किसान एक से दूसरे दफ्तर भटकते हैं। यदि किसी किसान को अपने खेत पर कई तरह के मिश्रित खेती से जुड़े काम करने है तो बैंक वाले लोन तक जारी नहीं करते हैं। इसलिए बैंक के प्रतिनिधियों को भी मौके पर ही बैठाने का सिस्टम किया जाएगा।

पहले अटक गया मामला

- नईदुनिया ने इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ शासन और प्रशासन के सामने प्रस्तुत किया था। बीजेपी सरकार में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने भी जबलपुर प्रवास के दौरान एकल खिड़की व्यवस्था के बारे में बयान दिया था। उन्होंने इस व्यवस्था को समय रहते लागू करने की बात भी कही थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद परिदृश्य और सरकार बदलने से यह काम अटक गया था। पूर्व कलेक्टर छवि भारद्वाज द्वारा भी एकल खिड़की का ड्राफ्ट बनाया जा चुका था। उनका तबादला हो जाने के बाद से यह मामला अटका हुआ था।

वर्जन

अफसर इस बात को मानने तैयार ही नहीं थे कि एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने से कोई फायदा होगा। जब हमारे सदस्य प्रतिनिधियों ने दबाव बनाया तब इस व्यवस्था को लागू करने पर हामी दी गई। इस व्यवस्था में क्या बेहतर हो सकता है, इसका ड्राफ्ट भी कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

केके अग्रवाल, प्रांत अध्यक्ष भारत कृषक समाज