जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में शहपुरा और पाटन एसडीएम क्षेत्र में एक साल के दौरान 22 जगहों पर छापेमारी की गई और अवैध रेत के भंडार जब्त हुए। लेकिन जिन लोगों को सुपुर्दगी में अवैध रेत के भंडार सौंपे गए थे। वे स्टॉक को बचाने में कामयाब नहीं हुए। तीन स्टॉक में खनन माफिया की नजर लगी थी। माफिया ने जब्त रेत को ही चुरा लिया। अब खनिज विभाग ने बची 19 जगहों की रेत अलग-अलग लॉट में नीलाम करने का निर्णय लिया है। यह नीलामी 27 अगस्त को कलेक्ट्रेट में की जाएगी।

नीलामी से करोड़ों मिलेंगे

19 जगहों पर जब्त रेत की मात्रा लगभग 5 हजार घनमीटर यानी लगभग 5 हजार डंपर है। इतनी बड़ी मात्रा में रेत नीलाम करने के लिए विभाग ने पहले भी तीन बार कोशिश की थी। लेकिन ऑनलाइन नीलामी में किसी ने हिस्सा ही नहीं लिया। इस बार ऑफलाइन यानी मौके पर आकर नीलामी की व्यवस्था लागू की गई। विभाग को उम्मीद है कि इस बार जब्त रेत बिकने पर शासन को करोड़ों रुपए भी मिलेंगे और रेत भी बिक जाएगी। फिलहाल बारिश का सीजन चल रहा है। इस समय रेत की डिमांड बढ़ जाती है। वहीं रेत खदानों से भी निकासी नहीं होती। इसलिए विभाग ने बारिश के सीजन में ही रेत नीलामी का फैसला लिया।

प्रशासन नहीं कर सका उपयोग

जब्त रेत से ग्राम पंचायतों में हर तरह के विकास कार्य किए जा सकते थे। लेकिन प्रशासन इस रेत का उपयोग नहीं कर सका। दो साल पहले जरूर कुछ ग्राम पंचायतों में रेत का उपयोग शौचालय बनाने में किया गया था। उस दौरान भी बड़ी मात्रा में रेत जब्त हुई थी।