जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रीवा नगर निगम की एमआईसी को निर्देश दिया है कि वर्तमान में कटनी नगर निगम में पदस्थ कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र शुक्ला के निलंबन पर एक माह में निर्णय लिया जाए। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने इस निर्देश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केसी घिल्डियाल व अरुण पांडे और रीवा नगर निगम की ओर की वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत सिंह और वेदप्रकाश तिवारी ने पक्ष रखा। कटनी नगर निगम में पदस्थ कार्यपालन यंत्री शैलेन्द्र शुक्ला की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि 29 अगस्त 2019 को रीवा नगर निगम के आयुक्त ने उन्हें निलंबित कर डूडा रीवा में अटैच करने का आदेश जारी किया है। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता वर्तमान में कटनी नगर निगम में पदस्थ हैं, इसलिए रीवा नगर निगम के आयुक्त को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। रीवा नगर निगम की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ता 1995 से 2018 तक रीवा नगर निगम में सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री और प्रभारी आयुक्त के रूप पदस्थ था। उसके कार्यकाल में स्कीम नंबर 6 की नगर निगम की जमीन पर नक्शे पास कराकर लोग मकान बनाते रहे, लेकिन याचिकाकर्ता ने अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया। इस मामले में नगर निगम आयुक्त ने याचिकाकर्ता को निलंबित करने का प्रस्ताव एमआईसी के पास भेजा था। जब एमआईसी ने निर्णय नहीं लिया तो आयुक्त ने याचिकाकर्ता को निलंबित कर दिया। सुनवाई के बाद एकल पीठ ने एमआईसी को निलंबन के प्रस्ताव में एक माह में निर्णय करने का निर्देश दिया है।