जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने वरिष्ठता की उपेक्षा के मामले में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर को नोटिस जारी किया है। जवाब के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी गई है।

रादुविवि के याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जयदीप कौशल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पूर्व में रादुविवि ने 122 दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में आरक्षण के विहित प्रावधान की उपेक्षा की थी। मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर बैकलॉग पदों को नियमानुसार भरने के निर्देश जारी किए गए थे। उस निर्देश के पालन में 26 जून 2013 को याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति की गई। तीन माह बाद नए सिरे से दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश जारी किया गया। 19 सितम्बर 2013 को हाईकोर्ट ने वरिष्ठता सूची जारी की। उसमें जिन दैवेभो का नियमितिकरण किया गया था, उनका नियमितीकरण 2008 से निर्धारित कर दिया। इससे याचिकाकर्ता आक्रोशित हो गए। इधर 8 जुलाई 2019 को रादुविवि ने 98 दैनिक वेतनभोगियों को 2008 से नियमित मानते हुए उन्हें समयमान वेतनमान से लाभान्वित कर दिया। इससे व्यथित होकर प्रभावित याचिकाकर्ता हाईकोर्ट पहुंच गए। उनका कहना है कि उनकी वरिष्ठता अधिक होने के बावजूद दरकिनार किया गया।