जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आरएस झा ने मुख्यपीठ जबलपुर के कुछ क्षेत्र इंदौर बेंच में मिलाए जाने की अनुशंसा वाला प्रस्ताव निरस्त कर दिया। इसी के साथ जबलपुर के वकीलों का विरोध-प्रदर्शन रंग लाया।

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर जबलपुर के क्षेत्राधिकार वाले हरदा, हरसूद, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर व आष्टा को इंदौर खंडपीठ में शामिल किए जाने की अनुशंसा की गई थी। जिसकी जानकारी लगते ही जबलपुर के वकील बुरी तरह आक्रोशित हो गए थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इन क्षेत्रों के मुख्यपीठ जबलपुर से कटकर इंदौर बेंच में मिलने पर मुख्यपीठ की शक्ति का विखंडन हो जाता, जो कि अस्मिता पर चोट से कम नहीं होता। इसीलिए जबलपुर के अधिवक्ता एकजुट हुए और हाईकोर्ट व जिला बार सहित अन्य अधिवक्ता संघों के पदाधिकारियों के साथ मिलकर रणनीति निर्धारित की। संयुक्त प्रस्ताव के जरिए 3 सितम्बर को न्यायिक कार्य से विरत रहे। अगले दिन रजिस्ट्रार जनरल से मुलाकात कर अनुचित प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने पर बल दिया गया। इसी का नतीजा यह हुआ कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने कड़ा निर्णय लेकर मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार को कम किए जाने की मांग अस्वीकार कर दी। सभी अधिवक्ता संघों ने इस निर्णय का स्वागत किया है।