जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की महिला मित्र रही फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी उर्फ फौजिया उस्मान के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट मामले में अंतिम सुनवाई की तिथि 3 अक्टूबर नियत कर दी है। कोर्ट के निर्देशानुसार भोपाल जिला अदालत से मोनिका के मामले के रिकॉर्ड गुरुवार को पेश किए गए। इनके अवलोकन के लिए राज्य सरकार की ओर से समय मांगा गया। आग्रह स्वीकार कर न्यायमूर्ति वीपीएस चौहान की एकलपीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई का निर्धारण कर दिया।

यह अपील सरकार ने राजधानी भोपाल की निचली अदालत से मोनिका को बरी किए जाने के खिलाफ दायर की है। प्रकरण के अनुसार फर्जी पासपोर्ट काण्ड को लेकर भोपाल के कोहेफिजा थाने में मोनिका बेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मोनिका पर आरोप था कि उसने खुद को अबू सलेम की पत्नी बताते हुए फौजिया उस्मान के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया। वर्ष 2006 में भोपाल की निचली अदालत ने मोनिका बेदी को बरी कर दिया। सेशन कोर्ट से भी सरकार की अपील 16 जुलाई 2007 को खारिज हो गई। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने में यह पुनरीक्षण याचिका दायर की। 2007 में ही एक अन्य याचिका इसी संबंध में दायर की गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी 2008 में स्वतः संज्ञान लेकर एक पुनरीक्षण याचिका दायर की। 2019 के आरंभ में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जल्द विचारण के निर्देश दिए। गुरुवार को सरकार की ओर से निचली अदालत के रिकॉर्ड का अवलोकन करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।