फोटो विनेश सिंह....

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ओमती क्षेत्र में रेत गिट्टी सप्लायर को 15 करोड़ की संपत्ति दिखाकर 25 करोड़ एनजीओ से दिलाने का झांसा देकर 7 लाख रुपए की ठगी करने वाले 9 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसका मास्टर मांइड होम्योपैथी डॉक्टर ने ठगी कर लिए रुपए अपने सिवनी स्थित बारात घर बनाने में लगा दिए। आरोपितों में एक यूपी का सेवानिवृत पुलिस अधिकारी भी है। शेष आरोपित आगरा, कानपुर, गुजरात, असम के हैं। यह जानकारी एएसपी शहर राजेश त्रिपाठी ने शुक्रवार को कंट्रोल रुम में दी।

मदनमहल गुरुद्वारे के पीछे रहने वाले तनवीर सिंह सलूजा (27) रेत-गिट्टी सप्लाई का काम करता है। गुरुवार को उसने शिकायत दर्ज कराई थी कि 20 सितंबर को उसका परिचय अधारताल धनी की कुटिया निवासी होम्योपैथी के डॉ. एचएन ठाकुर से हुआ था। उसने बताया कि वह एनजीओ को विदेश से फंड दिलाता है। यदि आप मुझे 15 करोड़ की संपत्ति दिखाओगे, तो आपको एनजीओ से 25 करोड़ रुपए दिला दूंगा। जिसके झांसे में आकर तनवीर ने एक ट्रस्ट की फाइल मंगवाई और एचएन ठाकुर से बातचीत की। जिसके बाद उसने कंपनी के सदस्यों को बुलाने के लिए 5 लाख रुपए मांगे। साथ ही कहा कि सदस्यों के आने के बाद 2 लाख रुपए और देने होंगे। तनवीर ने झांसे में आकर 25 सितंबर को डॉक्टर के घर जाकर उसे 5 लाख रुपए दे दिए। 8 अक्टूबर को डॉ ठाकुर ने फोन करके तनवीर को सूचना दी कि एनजीओ के सदस्य स्वयं होटल में 1रुके हैं। वहां तनवीर पहुंचा। डॉक्टर अपने साथ उसे होटल के कमरे में ले गया, जहां उसने कंपनी का सदस्य बताकर रणजीत सिंह तोमर, राजीव देव और अर्जेन्द्र सिंह राठौर से कंपनी के सदस्य बताकर मिलवाया और फिर दो लाख रुपए मांगे। जिसपर तनवीर ने दो लाख रुपए दे दिए। कंपनी के सदस्यों ने तनवीर से कहा कि कश्यप इलेक्ट्रानिक के नाम पर 10 लाख रुपए की डीडी बना कर देना होगी। तनवीर ने जब राजीव देव से उसका आधार कार्ड की कॉपी मांगी, तो उसने इंकार कर दिया। शंका होने पर तनवीर ने कुछ समय मांगा और नेट पर कंपनी के नाम से सर्च किया, तो उसमें ऐसी कोई कंपनी के बारे में नहीं पता चला। तनवीर अपने साथी अशोक मिश्रा को लेकर होटल पहुंचा और राजीव देव से मिलवाया। अशोक ने जब राजीव देव से रुपए ट्रांसफर के बारे में पूछा, तो उसने 15 करोड़ की संपत्ति बताकर 25 करोड़ रुपए देने की बात कही। इसके बाद राजीव से उसके कंपनी के सदस्यों के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि उसकी कंपनी में उसके साथी रणजीत सिंह तोमर, विपिन कुमार, उमेश कुमार वर्मा, अर्जेन्द्र सिंह, प्रताप नारायण गर्ग, आशीष कुमार, बसीरा इब्राहिम हैं। राजीव के अन्य साथी स्वयं होटल के कमरा नंबर 303 और 309 में रुके हुए थे। जिनसे राजीव ने मिलवाया। शंका होने पर तनवीर ने मामले की शिकायत ओमती थाने में की। सूचना पर ओमती सीएसपी शशिकांत शुक्ला, टीआई एसपी सिंह बघेल के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के पास से 1 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।

रिमांड लेकर की जा रही पूछताछ

आरोपितों से जब पूछताछ की गई, तो सभी एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे। वहीं सभी ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता था। इस काम के लिए 3 लाख रुपए मिलने वाले थे। आरोपितों को रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी। जिसमें और भी धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

डॉक्टर का सिवनी में है बारातघर

आरोपित डॉ. एचएन ठाकुर ने बताया कि उसकी सिवनी में पैतृक जमीन है। जिसमें वह बाराघर बनवा रहा है। ठगी के 5 लाख रुपए उसने बारात घर में लगा दिए। वहीं जब डॉक्टर के बारे में उसके अधारताल स्थित मकान के पास पुलिस ने पतासाजी की, तो जानकारी मिली कि आरोपित डॉक्टर और भी कोई संदिग्ध काम करता है। जिससे उसके घर में लोगों की भीड़ लगी रहती है। आरोपित से पूछताछ के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा। वहीं आरोपित यूपी लखनऊ अलीगंज निवासी रणजीत सिंह उत्तरप्रदेश पुलिस में सेवानिवृत इंस्पेक्टर है।

आगरा में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास हुई मुलाकात

डॉ. एचएन ठाकुर ने बताया कि वह आगरा में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास जाता था। वहां उसका परिचय विपिन कुमार से हुआ था। इसके बाद अन्य सदस्य भी मिल गए और सभी ने एनजीओ के नाम पर धोखाधड़ी की प्लानिंग की।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close