गणेश और दुर्गा प्रतिमाओं के विजर्सन के बाद जांच में सबकुछ सामान्य, वैज्ञानिकों का दावा कि बारिश की वजह से प्रदूषण नहीं हुआ

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लगातार हुई बारिश के कारण नर्मदा नदी कई दिनों तक उफान में रहीं। यहां तक कि गणेश और दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी पानी कम नहीं हुआ। यही वजह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानी का सैंपल तो लिया, लेकिन उसमें प्रदूषण के नाम पर कुछ भी निकलकर सामने आया है। मूर्तियों के विसर्जन के बाद जहां हर साल प्रदूषण बढ़ा मिलता था वहीं इस बार पानी साफ मिला। गणेश और दुर्गा प्रतिमाओं के विजर्सन के बावजूद नर्मदा में बायो डिजाल्व ऑक्सीजन सामान्य और मेंटल नहीं मिले।

मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड त्यौहार में नदियों के पानी की जांच करता है। विसर्जन से पहले और उसके बाद लगातार पानी के सैंपल जुटाए जाते हैं। उसकी जांच होती है। पहले की तुलना में हर बार विसर्जन के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा मिलता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। बरगी डैम से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से नर्मदा में पानी का बहाव तेज था। इस वजह से प्रदूषण चिन्हित नहीं हो सका। जांच मशीन भी बहाव के कारण आंकलन करने में सफल नहीं हो सकी।

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ये जांच करता है बोर्ड-

- बीओडीः बायो डिजाल्व ऑक्सीजन की पानी में तय मात्रा में उपलब्धता होना आवश्यक है। कमी होने पर जलीय जीव जंतुओं को खतरा पैदा हो सकता है।

-मैटलः पानी में प्रतिमा विजर्सन के कारण मैटल की मात्रा बढ़ती है। इसका आंकलन जांच में किया जाता है, क्योंकि मात्रा ज्यादा होने पर पानी पीने में नुकसानदायक हो जाता है।

-सीओडीः कैमिकल ऑक्सीजन डिमांड-पानी में कितनी मात्रा में जैविक तत्व मौजूद है इसका पता लगाया जाता है। इससे पानी की अशुद्धता मापी जाती है।

वर्जन.....

रोक की वजह से इस बार प्रतिमा विजर्सन बहुत कम नर्मदा में हुआ है। बावजूद इसके जांच की गई तो नर्मदा में बहाव तेज होने के कारण सब कुछ सामान्य मिला है। मशीन भी आंकलन नहीं कर पाई।

-डॉ.एसके खरे, वरिष्ठ वैज्ञानिक, मप्र प्रदूषण बोर्ड

Posted By: Nai Dunia News Network