जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित जीएसटी घोटाले के आरोपित जबलपुर निवासी शैलेष राजपाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जीएसटी विभाग की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सिद्घार्थ सेठ ने जमानत अर्जी का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि देश में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें करोड़ों की जीएसटी चोरी उजागर हुई है। आवेदक ने जीएसटी की राशि काटी, लेकिन जीएसटी विभाग में जमा नहीं की। इस तरह दोहरी धोखाधड़ी की गई है। इसलिए यदि इस तरह के आरोपित की अर्जी मंजूर की गई तो जो ईमानदारी से टैक्स चुकाते हैं, उनमें गलत संदेश जाएगा। आवेदक ने साईं सन के अलावा दो अन्य कंपनियों का संचालन करते हुए न केवल जीएसटी वरन अन्य तरह के टैक्स की भी चोरी की है। जीएसटी विभाग को 5 लाख से अधिक की जीएसटी चोरी के मामलों में गिरफ्तारी का अधिकार प्राप्त है। इसी आधार पर आवेदक के खिलाफ प्रथमदृष्ट्या करोड़ों की चोरी का अंदेशा होने पर कार्रवाई की गई। आवेदक ने 2017-18 व 19 में जीएसटी के लगभग 62 करोड़ रुपए दबाए। इसी तरह सर्विस टैक्स की 19 करोड़ के लगभग चोरी की। पूर्व में भी उसकी जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है। कोर्ट ने सभी बिन्दुओं पर गौर करने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया।

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