जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के नए वार्डों में विकास कार्य की गुणवत्ता पर प्रशासनिक अधिकारी ध्यान नहीं देते। इसलिए नगर निगम के नए वार्ड नंबर-72 में रैगवां से बसहा होते हुए जेडीए स्कीम नंबर-41 को जोड़ने वाली सड़क का बनने के सिर्फ 6 माह बाद दम टूट गया है। जबकि शासन की मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में बने मार्ग को पक्का बनाने पर करीब 60 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

वार्ड नं.72 के निवासी गोरेलाल बर्मन, उमेश रजक, भीकम यादव ने बताया कि नगर निगम का परिसीमन करीब 6 साल पहले हुआ। इस प्रक्रिया में रैगवां, बसहा, कचनारी गांव को शहर में शामिल करके वार्ड नं.72 बना दिया गया। इस नए वार्ड में शासकीय योजनाओं के तहत मूलभूत बिजली, पानी, सड़क की सुविधा बनाने के प्रयास किए गए। जिला व नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों ने नए शहर के विकास कार्य कराने पर शासन के खजाने से राशि निकालकर दुरुपयोग भी किया है। इसकी मिसाल रैगवां-बसहा-स्कीम नं.41 की सड़क है। सवा 2 किमी. लंबी यह सड़क पहले ग्रेवल बनाई गई। इसके बाद डामर सड़क बनना थी। इसके बाद भी ठीकेदार मेसर्स विश्व कुसुम इंफ्राटेक्स ने यहां पर करीब 10 फीट चौड़ी कंक्रीट सड़क बनाई। यह सड़क बनने के कुछ माह बाद जगह-जगह से फटकर जर्जर होने लगी है। मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के ठीकेदार को यह सड़क जर्जर होने की जानकारी है। इसके बाद भी ठीकेदार सड़क की मरम्मत करने से बच रहा है। यही स्थिति बनी रही तो कुछ माह बाद नई कंक्रीट सड़क की गिट्टियां उखड़कर फैल जाएंगी, जिसपर से आवाजाही करने में नागरिक परेशान होंगे। नए शहर के वाशिंदों को परेशान होने से बचाने नगर निगम और जिला प्रशासन को गंभीरता से गुणवत्तायुक्त विकास कार्य कराना चाहिए।

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विधानसभा चुनाव के समय नए वार्ड में रैगवां से बसहा होकर जेडीए स्कीम नं.41 को जोड़ने वाली सड़क बनी है। वर्तमान में करीब 60 लाख की लागत से बनी यह नई सड़क जगह-जगह से फट गई है। इस सड़क की जल्द मरम्मत नहीं होने से लोग आवाजाही करने में परेशान होंगे।

- रोकड़ प्रसाद पटेल, पार्षद

Posted By: Nai Dunia News Network

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