जबलपुर (नईदुनिया रिपोर्टर)। शहर के शांतिनगर क्षेत्र में रहने वाली 82 वर्षीय गोरा बाई जैन के हौसले काबिले तारीफ हैं। इस उम्र में इनमें इतनी ऊर्जा है कि हंसते-हंसते सम्मेद शिखर जी की यात्रा कर वहां पर कई किलोमीटर की पहाड़ियोौं को पैदल चल कर पार कर जाती हैं। हर बार वो शिखर जी जाकर एक बार में पांच से छह बार वंदना करती हैं। इस बार भी ये इन दिनों शिखर जी में वंदना के लिए गई हुईं हैं। जहां पर आए लोगों ने उन्हें जब पहाड़ियों को आत्मविश्वास के साथ चढ़ते देखा तो लोगों ने उनसे बातचीत की और उनके इस मनोबल के बारे में सवाल किए इतना ही नहीं उनसे पूछा गया कि उन्हें इतनी हिम्मत कहां से मिलती है।

शिखर जी की 27 किलोमीटर पैदल चलने की यात्रा के दौरान अच्छे-अच्छे युवाओं की हालत खराब हो जाती हैं, वहीं ये बिना थके, बिना रुके अपनी इस यात्रा को सफलता पूर्वक पूरा करती हैं। ये पिछले तीस सालों से शिखर जी जा रही हैं और अब तक 61 बार वंदना कर चुकी हैं। यहां पर वंदना करने से आशय है नौ किलोमीटर की पहाड़ी को चढ़ना और उतना और नौ किलोमीटर में बने मंदिरों के दर्शन करना। इस तरह से यह कुल 27 किलोमीटर का सफर है। जिसे यह हर साल पैदल पूरा करती हैं। कभी चार तो कभी छह बार वंदना कर घर लौटती हैं। 15 दिन, महीने भर यही रुककर पूजा अर्चना करती हैं। यहां पर आने वाले हर एक व्यक्ति के लिए यह प्रेरणास्त्रोत की तरह है। जिन्हें देखकर अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है और वे भी इस सफर को पूरा करने की हिम्मत पाते हैं। हाल ही में इनके इस सफर का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर मोटिवेशनल स्टोरी के रूप में वायरल हो रहा है। जिसे सभी काफी पसंद कर रहे हैं।

Posted By: Ravindra Suhane

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