जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रबी सीजन में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप जबलपुर जिले में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसानों को 9 हजार 533 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। अभी भी 26 हजार 173 मीट्रिक टन उर्वकर का स्टाक उपलब्ध है। उक्त जानकारी उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास डा. एसके निगम ने दी है। उन्होंने बताया कि जिले में रबी फसल की बुआई का समय प्रारंभ हो गया है। रबी सीजन के दौरान एक लाख 3 हजार 651 मीट्रिक टन उर्वरक के वितरण का लक्ष्य रखा गया है। जिसकी तुलना में 35 हजार 707 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। एक से 22 अक्टूबर तक 9 हजार 533 मीट्रिक टन उर्वरक के वितरण के बाद 26 हजार 174 मीट्रिक टन उर्वरक डबल केंद्रों, समितियों एवं निजी संस्थाओं के पास उपलब्ध है। रबी सीजन के दौरान किसानों को अब तक वितरित उर्वरकों में 4 हजार 490 मीट्रिक टन यूरिया, 3 हजार 450 मीट्रिक टन डीएपी, 194 मीट्रिक टन एनपीकेएस, 169 मीट्रिक टन पोटाश एमओपी एवं एक हजार 231 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में अभी भी 11 हजार 575 टन यूरिया, 4 हजार 512 मीट्रिक टन डीएपी, एक हजार 41 मीट्रिक टन एनपीकेएस, एक हजार 342 मीट्रिक टन पोटाश एमओपी एवं 7 हजार 703 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट स्टाक में उपलब्ध है।

खाद की कीमतों का निर्धारण: डा. निगम ने बताया कि किसानों को सही कीमत पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विक्रय दरें भी निर्धारित की गई हैं। डीएपी की 50 किलोग्राम की बोरी की विक्रय दर एक हजार 200 रुपये, एनपीके 12.32.16 की एक हजार 470 रुपये, एनपीके 12.36.16 इफको एक हजार 450 रुपये, एनपीके 12.26.26 एक हजार 440 रुपये, पोटाश एक हजार रुपये, सिंगल सुपर फास्फेट पावडर 274.50 रुपये, सिंगल सुपर फास्फेट दानेदार 50 किलो की बोरी की 304.50 रुपये तथा यूरिया नीम कोटेड 45 किलोग्राम बोरी की विक्रय दर 266.50 रुपये निर्धारित की गई है। कृषकों को सभी विक्रय केंद्रों से निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध हो इसके लिए जिला स्तरीय एवं अनुभाव स्तरीय मानीटरिंग दल केंद्रों का निरीक्षण कर रहा है। किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर विक्रेता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Ravindra Suhane

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