जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में अध्यापकों की भर्ती रोस्टर को लेकर विवाद गर्मा गया है। प्रशासन ने रोस्टर में 10 फीसदी आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण का लाभ नहीं दिया है। प्रशासन का तर्क है कि 2 जुलाई के पूर्व रिक्त पद होने की वजह से उस वक्त की आरक्षण व्यवस्था को लागू किया गया है।

इधर एक छात्र नेता ने रोस्टर पर अपत्ति लेते हुए दावा किया कि यदि सामान्य वर्ग को लाभ नहीं मिला तो वो विरोध में आत्मदाह कर लेगा। इतना ही नहीं महिला आरक्षण के लिए लॉटरी सिस्टम को लागू करने की योजना बनी है।

दरअसल विभाग 110 शैक्षणिक पदों पर प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और रीडर की नियुक्त कर रहा है। इसके लिए यूनिवर्सिटी को इकाई मानते हुए रोस्टर लागू किया है। प्रशासन का तर्क है कि शासन के द्वारा 100 बिंदुओं पर जारी रोस्टर को आधार बनाकर ही प्रक्रिया पूरी की गई है। इसमें 2 जुलाई के पूर्व रिक्त पदों के अनुसार उस वक्त लागू प्रक्रिया का पालन किया गया है।

शासन के रोस्टर में भी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण व्यवस्था नहीं दी गई है। वहीं जुलाई के बाद ये व्यवस्था लागू की गई है। इसलिए इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण को लेकर भी कोई साफ निर्देश नहीं है।

इसलिए रोस्टर में उसे भी जगह नहीं मिली है हालांकि प्रशासन ने इसके लिए सरकार के पास लॉटरी सिस्टम का विकल्प सुझाया है। प्रशासन का कहना है कि कुल पदों में लॉटरी के जरिए महिलाओं के पद आरक्षण की व्यवस्था की जाए। अब सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अंतिम निर्णय होगा।

करूंगा आत्मदाह-

देवेन्द्र छात्रावास के छात्र लवदीप सिंह ने दावा किया कि यदि रोस्टर में 10 फीसदी आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को लाभ नहीं मिला तो वो आत्मदाह कर लेगा। इस संबंध में प्रशासन को भी सूचना दी जाएगी। नियमों के तहत भर्ती प्रक्रिया की जाए।

भर्ती रोस्टर जुलाई से पूर्व रिक्त पदों के अनुसार लागू हुआ है। शासन से 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षण के कोई निर्देश नहीं थे। महिला आरक्षण के लिए लॉटरी सिस्टम का विकल्प दिया है। प्रो.आर के यादव, चेयरमैन, रोस्टर निर्धारण कमेटी रादुविवि

Posted By: Nai Dunia News Network