जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के बीच यहां कचरा प्रबंधन दुरुस्त है कि नहीं इसकी जांच करने मप्र प्रदूषण बोर्ड की टीम निकली। चार दल अलग—अलग अस्पतालों में गए जहां अस्पतालों का दौरा किया। इस दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में खुले में बायोवेस्ट मिलने पर जांच अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए नोटिस जारी किया। इसके अलावा सभी अस्पतालों में सुरक्षित तरीके से कचरा प्रबंधन मिला।

क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण बोर्ड आलोक जैन ने ​बताया कि अस्पतालों में नियमित कचरा जमा किया जाता है इस जीव चिकित्सा अपशिष्ट को ईलाइट इंजीनियर्स सीबीडब्ल्यूटीएफ कठौंदा प्लांट में निष्पादन के लिए भेजा जाता है। हर अस्पताल ने कचरा जमा करने का काम कंपनी करती है। अस्पतालों में भी कचरा प्रबंधन के लिए कोविड—19 के मरीजों का जैव अपशिष्ट अलग जमा किया जाता है। अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान जैव अपशिष्ठ और नगरीय ठोस अपशिष्ट जिसमें मरीज के साथ आए ​तीमारदार के कपड़े,थैलियां आदि अलग से संग्रह कर निगम के माध्यम से संग्रहित कर डिस्पोजल करने के निर्देश दिए गए है।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एस के खरे ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के साथ आए परिजनों द्वारा फैलाया सामान्य तरीके का कचरा फैला मिला था जिसको लेकर प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान टीम के सदस्यों ने कुल 33 अस्पतालों का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने सभी अस्पतालों में जैविक अपशिष्ट का अलग—अलग रंग के डिब्बों में संग्रह किया जाए ताकि गाडियों में सही तरीके से कचरे का निष्पादन किया जा सके।

Posted By: Ravindra Suhane

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