जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। यात्री बसों के खिलाफ शहर में जांच अभियान शुरू हुए बिना ही बस ऑपरेटर और आरटीओ के बीच तनातनी के बाद अब तकरार बढ़ गई है। शहर के सभी बस ऑपरेटर लामबंद होकर आरटीओ के विरोध में ज्ञापन, प्रदर्शन पर उतर आए हैं।

मंगलवार को फिर जबलपुर बस ऑपरेटर एसोसिएशन के बैनर तले ऑपरेटरों ने अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) में आरटीओ के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और 13 सितंबर से बसों के पहिए जाम कर हड़ताल पर जाने तक का ऐलान कर दिया। हड़ताल पर जाने से पहले बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। इस अवसर पर एसोसिएशन अध्यक्ष कमल किशोर तिवारी, वीरेन्द्र साहू,नसीब बेग, मुकेश जैन, दिलीप मंगलानी, नरेश रजक, पप्पू खंपरिया, दीपू डोंगरे, जितेन्द्र रोहाणी, अजय पाठक, संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।

ये हैं आरोप-प्रत्यारोप

सरकार बदलते ही फीस की डबल

- जबलपुर बस ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार बदलते ही आरटीओ ने वाहनों के परमिट, फिटनेस, ट्रासंफर, रजिस्ट्रेशन की फीस पिछले साल के मुकाबले डबल कर दी है।

- 2018 में अस्थाई परमिट के 10 हजार लिए जाते थे अब 20 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। स्थाई परमिट चाहिए तो 40 हजार रुपए तक देने होंगे।

- बारात परमिट के रेट भी 200 से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिए गए हैं। इस काम के लिए आरटीओ कार्यालय में निजी तौर पर कर्मचारी रखे गए हैं।

टैक्स से बच रहे, अनफिट बसों का चाहिए फिटनेस,परमिट

- आरटीओ का कहना है कि बस ऑपरेटर इस तरह लामबंद होकर अनफिट बसों का फिटनेस और परमिट लेना चाह रहे हैं।

- बिना परमिट, फिटनेस बसें चलाकर यात्रियों की जान से किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है जांच के दौरान उसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जा रही है। बसों को नियम-कायदे से नहीं चलाया जा रहा। सख्ती करने पर दबाव बनाया जा रहा।

- कई बस ऑपरेटरों ने बसों का बकाया टैक्स भी जमा नहीं किया है। टैक्स जमा करने कहा तो दबाव बनाकर विरोध पर उतर आएं हैं। यदि मनमानी करने की छूट दे दी जाए तो विरोध अभी खत्म हो जाएगा।

यात्री भुगतेंगे सजा

आरटीओ-ऑपरेटरों के बीच तनातनी की चाहे जो भी वजह हो यदि बस ऑपरेटरों ने 13 सितंबर से हड़ताल कर दी तो इसका खामियाजा आम जनता यानी यात्रियों को ही भुगतना होगा। क्योंकि ऑपरेटरों ने साफ कर दिया है कि यदि आरटीओ का रवैया नहीं सुधरा तो 13 सितंबर से मंडला, डिंडौरी, कटनी, सागर, दमोह, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नागपुर सहित किसी रूट पर बसें नहीं चलेंगी।

आरटीओ भ्रष्टाचार कर रहे हैं। बस ऑपरेटरों को डराया-धमकाया जा रहा है। इसके विरोध में 13 सितंबर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। -कमल किशोर तिवारी, अध्यक्ष, जबलपुर बस ऑपरेटर एसोसिएशन

बस ऑपरेटर अर्नगल आरोप लगाकर मनमानी करने की छूट चाह रहे हैं। जो कतई नहीं दी जाएगी। बिना

फिटनेस, परमिट के बसों का संचालन नहीं होने देंगे। -संतोष पॉल, आरटीओ