जबलपुर, नईदुनिया रिपोर्टर। उन्मेष-ज्ञान विज्ञान विचार संगठन और भौतिकशास्त्र विभाग, शासकीय विज्ञान महाविद्यालय द्वारा एक सप्ताह की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा था। 21वीं सदी के भौतिक विज्ञान विषय पर आयोजित कार्यशाला के अंतिम दिन भौतिक विज्ञानी, वाराणसी से प्रो.लक्ष्मण पांडे ने अपना व्याख्यान दिया।

प्रो. पांडे ने इंपीडेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी और उसके अनुप्रयोगों पर व्याख्यान दिया। प्रो. पांडे ने बताया कि इंपीडेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी में पदार्थ की विद्युत प्रतिबाधा का मापन विद्युत आवृत्ति व अन्य प्राचालों जैसे ताप व संरचना में परिवर्तन के आधार पर किया जाता है। यह तकनीक विद्युत प्रतिबाधा के इस मापन और प्राप्त प्रतिबाधा स्पैक्ट्रम से पदार्थ को पहचानने और उसके गुणों को समझने में बहुत सहायक है। यह तकनीक आज चिकित्सा, फ्यूल सेल, सोलर सेल, नए अधिक उपयोगी पदार्थों के विकास में उपयोगी साबित हो रही है।

समापन समारोह में प्राचार्य डॉ. एएल महोबिया ने कहा कि विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टरेट (रूसा), उच्च शिक्षा विभाग, मप्र सरकार के प्रयोजन में शिक्षकों व विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए आयोजित यह कार्यक्रम उपयोगी रहा। भौतिकशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. रवि कटारे ने उन्मेष के कार्यों की सराहना की और सभी प्रतिभागियाें को धन्यवाद दिया।

कार्यशाला के प्रतिभागी पानीपत से डॉ. सोनिया, मंदसौर से डॉ. आर के व्यास व महाविद्यालय की छात्रा खुशी मौर्य ने कार्यशाला को उपयोगी व ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि कार्यशाला में हर दिन उन्हें विज्ञान के संबंध में नई बातों की जानकारी मिली। जो ज्ञानवर्धक व उपयोगी रही।

आभार प्रदर्शन डॉ. सुरेंद्र पांडे ने किया। कार्यक्रम में विभाग के डॉ. राहुल मेहता, प्रो. एमएल चौहान, डॉ. प्रशांत सेलट,डॉ. संजय कक्कड़ का सहयोग रहा। संयोजक डॉ. संजय अवस्थी रहे।

Posted By: Ravindra Suhane

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