जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। परियट नदी है कोई नाला नहीं। सरकारी कागजों में परियट नदी है लेकिन हकीकत नई उम्र के लोग उसकी हालत देखकर यकीन नहीं कर पाएंगे कि वाकई ये नदी है। क्योंकि परियट पुल के पास खडे होकर देखने से ये नदी नहीं बल्कि बस्ती के गंदे पानी का नाला जैसा ही दिखाई देता है। आसपास की डेयरियों की वजह से इसमें गोबर और मूत्र की मात्रा नदी के पानी से ज्यादा है। परियट नदी में पिछले सालों से प्रदूषण का स्तर घटने की बजाए लगातार बढ़ता जा रहा है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में परियट की स्थिति चिंताजनक है।

125 डेयरी की गंदगी मिलती हैं परियट में : परियट नदी में आसपास बनी करीब 125 डेयरियों की गंदगी मिलती हैं। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी डेयरियों को नोटिस देकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और कोर्ट में केस दायर कर रखा है। इन डेयरियों को बंद करने तक के नोटिस तीन साल से जारी हुए। कार्रवाई के नाम पर प्रशासन ने सख्ती भी की लेकिन दो-चार दिन बाद सब ठंडा हो गया। कुछ की बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हुए लेकिन लाइन नहीं काटी गई। डेयरियां फिर चल रही हैं। नदियों में गंदगी गिर रही है।

पांच हजार क्विंटल हर दिन गोबर : परियट नदी के आसपास डेयरियों से निकलने वाला सैकड़ों क्विंटल गोबर और मूत्र सीधे नदी में मिलता है। अनुमान है कि रोजाना पांच हजार क्विंटल के आसपास गोबर नदी में आता है। इस वजह से नदी में गोबर की मात्रा अधिक बनी हुई है।

न कार्रवाई हो रही न जुर्माना : परियट और गौर नदी में आसपास की डेयरियों का गोबर, गंदगी सीधे नदी में पहुंचती है। कई बार जिला प्रशासन, एमपीईबी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की, लेकिन हर बार नतीजा सिफर ही रहा। कार्रवाई के बाद भी आज तक डेयरियों से निकलने वाली गंदगी पर रोक नहीं लग सकी। पिछले साल संभागायुक्त ने बैठक में सभी विभागों को कार्रवाई करने और एसडीएम और नगर निगम स्तर पर डेयरियों पर पांच हजार रुपये तक की चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वह भी अभी तक नहीं हुई।

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बीओडी की मात्रा बढ़ने से मानव शरीर और जलीय जीवों दोनों को खतरा है। परियट में डेयरियों की वजह से प्रदूषण बना हुआ है। कार्रवाई लगातार की जा रही है। तालाबों का पानी अब पीने में उपयोग तो नहीं हो रहा है लेकिन आसपास की गंदगी से प्रदूषण का स्तर जांच में बढ़ा मिला है।

- डॉ.एस के खरे, वरिष्ठ वैज्ञानिक मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

Posted By: Brajesh Shukla

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