जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नोटबंदी के दौरान व्यापार में नुकसान होने पर एक व्यापारी को झांसा देकर डेयरी संचालक पिता पुत्र के एक करोड़ की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने आगे की जांच के लिए बैंक से दस्तावेज तलब किए है। ताकि मामला और स्पष्ट हो सके। सभी दस्तावेज मिलने के बाद आगे की जांच की जाएगी। वहीं आरोपितों के साथ इस धोखाधड़ी में और कितने लोग शामिल है इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मदनमहल राममंदिर के पास रहने वाले नीरज पाल ने कैंट थाने में शिकायत की थी कि उसका पाइप का व्यापार था।

नोटबंदी के दौरान व्यवपार बंद हो गया था। उसी वक्त उसका परिचय भीमनगर निवासी डेयरी संचालक सचिन उरमलिया और उसके बेटे अचिन उरमलिया से हुआ था। दोनों ने झांसा देकर साझेदारी में डेयरी कारोबार करने के लिए कहा। इसके बाद उसकी मां विमलरानी पाल के नाम पर दर्ज 7 सौ वर्ग फीट जमीन रखकर फरवरी 2017 में पंजाब नेशनल बैंक से 23 लाख का लोन निकाला। जिसे हरियाणा में एक व्यापारी के खाते में ट्रांसफर किया गया। लेकिन जब नीरज ने उससे साझेदारी का अनुबंध करने को कहा, तो आरोपितों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद वह लोन भी नहीं चुकाया।

इसके बाद दूसरी प्रापर्टी गांरटर के तौर में बैंक में रखकर 80 लाख निकाल लिए। जब यह बात उसे पता चली, तो उसने पतासाजी की, जिसमें पता चला कि आरोपित पिता, पुत्र ने लुब्रिकेशन आयल का व्यापार शुरू करने और उसमें निवेश करने के लिए उसकी मां के नाम पर दर्ज एक दूसरी प्रापर्टी पर लोन लिया है। जबकि वह प्रापर्टी का न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। दोनों आरोपितों ने प्रापर्टी को बैंक में गारंटर के तौर पर रखा और सदर स्थित बैंक में मनु मोटर्स के मनु मिश्रा के नाम पर 80 लाख रुपये का लोन लिया है।

Posted By: Ravindra Suhane

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