जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आपको जानकार हैरानी होगी कि जिले में साल 1998 में मात्र 16 हजार 500 वाहन हुआ करते थे। जिनकी संख्या साल दर साल बढ़ते चली गई और अब 20 साल बाद 8 लाख से ज्यादा वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बावजूद इसके प्रस्तावित 10 मेजर व सर्विस रोड का निर्माण नहीं हो सका। नतीजा शहर की पुरानी सड़कों पर ही लाखों वाहन मौजूद हैं और शहर में ट्रैफिक के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण से लेकर अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में ही सड़क निर्माण अटका रहा। सिर्फ एक लिंक रोड को बनाया गया है। इसके बाद कभी दूसरी सड़क बनाने के बारे में निर्णय नहीं लिया जा सका। 10 मेजर व सर्विस रोड में से 3 सड़कों पर काम शुरू हुआ और 26 किमी के हिस्से की सड़क को बनाया जा सका है।

मेट्रो शहर की तरह बढ़े वाहन

- मास्टर प्लान में दर्ज प्रतिशत के हिसाब से वाहनों की संख्या सालाना 20 हजार बढ़ रही है। वहीं शहर में जन परिवहन प्रणाली आज के हिसाब से 11.9 प्रतिशत चल रही है। जबकि आबादी के हिसाब से 25 लाख जनसंख्या पर 40 फीसदी यातायात का प्रतिशत होना चाहिए।

- पार्किंग के लिए सड़कों के किनारे पर खाली जगह नहीं बची है। सरकारी कार्यालयों से लेकर निजी भवनों में भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई।

प्रदेश में चौथे नंबर पर जबलपुर

प्रदेश में मोटर साइकिलों की संख्या में जबरदस्त बढ़त 10 सालों में दर्ज की गई है। वर्ष 2001 में 12.1 फीसदी मोटर साइकिल और कार हुआ करती थी लेकिन यह आंकड़ा वर्ष 2011 में 18.8 फीसदी तक जा पहुंचा। सबसे ज्यादा 46.2 फीसदी मोटर साइकिल, कार और जीप इंदौर में हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर भोपाल है। यहां 100 लोगों में से 43.7 लोगों के पास कार जीप और बाइक मौजूद हैं। तीसरे नंबर पर ग्वालियर और जबलपुर चौथे नंबर पर बना हुआ है। चौथे नंबर पर रहने के बाद भी जिले में वाहनों के हिसाब से सड़कों की संख्या को नहीं बढ़ाया गया।

किसी भी शहर में जन परिवहन प्रणाली के लिए अलग से प्लानिंग की जाना चाहिए। शहर में हर साल वाहन बढ़ते गए लेकिन सड़कों पर ध्यान नहीं दिया गया। अब जरूरत है कि नई सड़कों पर काम किया जाए। इसके लिए टाउन प्लानर व प्रशासनिक स्तर पर पहल जरूरी है। -अर्पित पांडे, अर्बन प्लानर

मास्टर प्लान के अलावा शहर के लिए जोनल प्लान बनाना चाहिए। यह सभी शहरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। लिंक रोड की तरह ही अन्य सड़कों का निर्माण किया जा सकता है। नए रास्ते तैयार होंगे तभी ट्रैफिक डायवर्सन होगा और वाहनों को सड़क पर चलने लायक जगह मिलेगी। -स्वाति कर्वे, पूर्व टाउन प्लानर जेडीए

Posted By: Nai Dunia News Network