जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। एसडीएम कोर्ट सिहोरा में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम के तहत दर्ज एक प्रकरण का घंटे भर के भीतर सुखद पटाक्षेप हुआ। नन्हवारा मझौली निवासी 76 वर्षीय भूरेलाल का पुत्र नारायण चौहान व पुत्र वधुलक्ष्मी बाई के बीच संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद निराकरण हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से एसडीएम कोर्ट सिहोरा को प्राप्त हुआ था। उन्होंने एक घंटे के भीतर उसका निराकरण भी कर दिया।

एसडीएम सिहोरा आशीष पांडे ने बताया कि कोर्ट में प्रकरण पेश होते ही तत्काल सुनवाई के लिये भूरेलाल तथा उनके पुत्र एवं पुत्र वधु को बुलाया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बयान लिये गये और उन्हें अलग से बुलाकर मिलजुलकर रहने की समझाईश दी गई। उनके द्वारा अलग-अलग बुलाकर समझाईश देने का परिणाम यह निकला कि तुरंत बाद जब दोनों पक्षों को एकसाथ बुलाया गया तो सभी की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। इस मौके पर पुत्र नारायण चौहान और पुत्र वधु लक्ष्मी बाई ने भूरेलाल से पैर धोकर अपनी गलितयों के लिये माफी भी मांगी।

भूरेलाल ने भी सभी गिले-शिकवों को दरकिनार करते हुये अतीत में उनके साथ किए गए व्यवहार को भूला देने का निश्चय किया तथा पुत्र और पुत्र वधु के साथ राजीखुशी वापस अपने घर के लिए रवाना हुए। एसडीएम सिहोरा के मुताबिक भूरेलाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिए आवेदन में पुत्र और पुत्र वधु द्वारा उसके साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। भूरेलाल ने बताया कि अपनी जमीन बेचकर उसने मकान बनवाया, नाती-पोतों को पढ़ाया लिखाया और उनकी शादी भी कराई। जब उसके पास कुछ नहीं बचा तो उसे घर में सुकून से रहने नहीं दिया जा रहा है।

Posted By: Ravindra Suhane

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