Jabalpur News: जबलपुर। मुश्किल के वक्त की सीख को हम शायद ही भूला सकते हैं। शहर के इन युवाओं ने इस सीख को याद रखा और उसे अपने काम से जोड़ लिया। इसका असर यह हुआ कि आज इनका छोटा का स्टार्टअप पूरे देश में फैल गया है। हम बात कर रहे हैं अधारताल के जयप्रकाश नगर में रहने वाले ह्देश राय और उनके मित्र अभिषेक विश्वकर्मा की। कोरोना काल के दौरान हद्देश ने अपने घर में रहकर कचरे से खाद बनाने का काम शुरू किया था। पहले उन्होंने खाने-पीने वाली चीजों से लेकर अन्य कचरे को गार्डन में रखकर उसकी खाद बनाई। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे इस काम को अपने व्यवसाय से जोड़ लिया और आज उन्होंने केंचुए से लेकर गोबर तक की खाद बना रहे हैं, जिसकी मांग मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्य और यहां तक की अब अंडमान-निकोबार तक से आ रही है।

कम पैसे, ज्यादा काम

ह्देश ने बताया कि उन्होंने यह स्टार्टअप 2020 में सिर्फ अपने मित्र अभिषेक विश्वकर्मा के साथ शुरू किया। दो साल में उन्होंने अभी तक 85 लाख रुपये की अपनी खाद बेची। इतना ही नहीं खास बात तो यह है कि मैंने यह काम महज 500 रुपये से शुरू किया था। कचरे और गोबर की खाद बनाने के बाद केंचुए की खाद बनाने लगा। हमने आज अपनी कंपनी का नाम ही केंुचअा आर्गेनिक रखा है। वे बताते हैं कि वर्तमान में वे पनागर और अधारताल में आर्गेनिक खाद के उत्पाद तैयार कर रहे हैं। कई लोग और संस्थाओं को इससे जोड़ रखा है, जो उनके लिए केंुचआ और गोबर उपलब्ध कराते हैं। हमारे स्टार्टअप को सीधा का फंडा है कम पैसे, ज्यादा काम फिर होगा ज्यादा मुनाफा ।

आनलाइन बिक रहा उत्पाद

दो दिन पूर्व इंदौर में हुए कार्यक्रम के दौरान उनके इस स्टार्टअप को सराहा गया। इतना ही नहीं शहर में नगर निगम से लेकर कई सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों ने भी उन्हें इस काम के लिए सम्मानित किया है। ह्देश बताते हैं कि उनके द्वारा तैयार किया जा रहे आर्गेनिक उत्पाद इन दिनों अानलाइन बाजार में भी बिक रहे हैं, जिसकी मांग अन्य राज्यों से आ रही है। जल्द ही वे इस काम का दायरा और बढ़ाने जा रहे हैं।

Posted By: Shivpratap Singh

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