जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में बिना परमिट, फिटनेस, बीमा के चल रहीं कंडम यात्री बसों के साथ ही 15 से 20 साल पुराने कमर्शियल वाहनों पर अब रोक लगेगी। सरकार ने इसके लिए टैक्स फार्मूला इजाद किया है। इस फार्मूले से न सिर्फ कंडम बस-ट्रक चलन से बाहर होंगे, बल्कि जो पहले से ही चलन से बाहर हैं लेकिन परिवहन विभाग के रिकार्ड में अब भी दर्ज हैं ऐसे वाहन भी सरकारी रिकार्ड से बाहर हो जाएंगे। खास बात यह है कि टैक्स फार्मूले से सरकार का खजाना तो भरेगा ही बस ऑपरेटर, ट्रक मालिकों को भी फायदा होगा। कंडम बसों में बैठकर जान जोखिम में डालकर सफर करने वाले यात्रियों को भी काफी हद तक राहत मिलेगी।

ऐसा है फार्मूला

विभाग ने 5 से 20 साल पुराने वाहनों का बकाया टैक्स चुकाने पर छूट देने का नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यदि वाहन मालिक एक मुश्त टैक्स जमा करते हैं तो उन्हें टैक्स जमा करने पर 20 से लेकर 90 फीसदी तक की छूट दी जा रही है।

यदि वाहन की उम्र 15 से 20 साल हो चुकी है। वाहन चलन से बाहर हो चुका है, तो ऐसे वाहन मालिक बकाया टैक्स के साथ पेनाल्टी का सिर्फ 10 प्रतिशत टैक्स जमा कर वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त करवा सकते हैं। हालांकि इसके लिए वाहन मालिक को यह शपथ पत्र देना होगा कि उसने 5 साल से वाहन का न तो बीमा कराया न फिटनेस, परमिट के लिए आवेदन किया है। वाहन मालिक इस छूट का लाभ मार्च 2020 तक ही उठा पाएंगे।

टैक्स के साथ बढ़ रही कबाड़ वाहनों की संख्या

सरकार पुराने वाहनों में रोक लगाने और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर रिकार्ड से बाहर करने के लिए टैक्स में छूट का लाभ दे रही है, क्योंकि जबलपुर सहित प्रदेश भर में ऐसे लाखों वाहन हैं जो चलन से बाहर हो चुके हैं, लेकिन इन पर टैक्स और पेनाल्टी बढ़ती जा रही है। वाहन मालिक बढ़े टैक्स को चुकाकर वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस कारण या तो चोरी छिपे बस, ट्रक कटवाए जा रहे हैं या इधर-उधर खड़े कर दिए गए हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो कंडम वाहन ही चलवा रहे हैं।

यह होगा फायदा

- टैक्स न चुकाने के कारण बिना परमिट, फिटनेस के यात्री बस चलवा रहे वाहन मालिक टैक्स में छूट का लाभ उठाकर अब या तो फिटनेस कराएंगे या फिर वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराएंगे।

- 15 से 20 साल पुराने कंडम वाहन मालिक भी टैक्स छूट का फायदा लेकर वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करवा सकेंगे। इससे शहर में कबाड़ वाहनों की संख्या में कमी आएगी।

- सरकार का खजाना भी भरेगा, रिकार्ड का बोझ भी कम होगा।

ऐसा है टैक्स छूट का गणित

- 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी अधिसूचना की तारीख से 5 साल पुराने वाहनों पर

- 50 फीसदी तक की छूट 10 साल या इससे अधिक पुराने वाहनों पर

- 70 फीसदी छूट मिलेगी 15 साल या इससे अधिक पुराने वाहनों पर

-90 फीसदी तक की छूट 20 साल पुराने वाहनों पर

35 हजार वाहन 15 साल पुराने

- 10 लाख वाहन आरटीओ में रजिस्टर्ड

- 35 हजार वाहन हो चुके 15 साल पुराने

बस, ट्रक सहित अन्य वाहनों का एक मुश्त बकाया टैक्स जमा करने पर नियम शर्त के अधीन 20 से लेकर 90 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इससे न सिर्फ चलन से बाहर हो चुके वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करवाना आसान होगा। बल्कि जो चलन में हैं उसमें भी रोक लगेगी। संतोष पॉल, आरटीओ

सरकार के इस नोटिफिकेशन से बस ऑपरेटरो को जहां फायदा मिलेगा वहीं बिना परमिट,फिटनेस के चल रहीं कंडम बसों का चलन भी बंद होगा। संजय शर्मा, प्रवक्ता, जबलपुर बस ऑपरेटर एसोसिएशन

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Posted By: Nai Dunia News Network