जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में अर्से बाद सुरक्षा के लिए दीवार की घेराबंदी हुई है। दीवार की ऊंचाई कम होने के कारण कोई भी आसानी से उसे फांदकर दाखिल हो रहा है। इतना ही नहीं कई जगह तो दीवार के नीचे जगह बनाकर लोग परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। इस मामले में सवाल ये है कि लाखों रुपये की लागत से दीवार बनाने का क्या औचित्य रहा। जबकि पिछले कुछ दिनों ने परिसर में चोरी की कई वारदात हो रही है।

क्या है मामला: रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी की कई एकड़ जमीन की सुरक्षा के लिए दीवार बनाई गई। इस मामले में पहले विवाद हुआ कि सीमांकन सहीं नहीं होने से अन्य विभागों की जमीन चिन्हित नहीं हो रही थी। ऐसे में मामला न्यायालय तक पहुंच जहां से सीमांकन के पश्चात जगह चिन्हित हुई। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए दीवार बनाई। इससे पहले कोई भी परिसर में कहीं से भी प्रवेश कर लेता था। अब दीवार बनने के बाद निर्धारित प्रवेश द्वार से ही प्रवेश दिया जाता है। प्रशासन ने 6 गेट बनाए हुए है लेकिन अधिकांश सुरक्षा के लिहाज से बंद रखे जाते हैं। एक-दो गेट ही प्रवेश के लिए खुले रहते हैं। ऐसे में कई असामाजिक तत्व दीवार को फांदकर प्रवेश करते हैं। बताया जाता है कि दीवार की ऊंचाई करीब 6 फीट है जिस वजह से लड़कों को दीवार फांदने में कोई परेशानी नहीं होती है। कुछ जगह जमीन ऊंचाई होने के कारण नींव जमीन से ऊपर दी गई है इस वजह से जमीन और दीवार के बीच में दूरी बनी हुई है। इसी का फायदा असामाजिक तत्व प्रवेश के लिए कर रहे हैं।

दीवार की बढ़े ऊंचाई: सुरक्षा दीवार की ऊंचाई को बढ़ाना चाहिए या फिर दीवार के ऊपर कंटीले तार लगाए जाने चाहिए ताकि कोई भी आसानी से प्रवेश न कर सके। इससे विभागों में होने वाली चोरी पर भी लगाम लगेगी। इस संबंध में कुलसचिव दीपेश मिश्रा ने कहा कि उन्हें भी इस संबंध में शिकायत मिली है संबंधित यांत्रिकी विभाग को इसको लेकर निर्देश दिए गए है।

Posted By: Ravindra Suhane

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags