जबलपुर, नईदुनिया प्रतिन‍िधि। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट एक अंतरिम आदेश के जरिये अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के तबादले पर रोक लगा दी। साथ ही राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया गया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि आगामी आदेश तक याचिकाकर्ता को मौजूदा जगह पर ही कार्य करने दिया जाए। तबादला आदेश का पालन न किए जाने के आधार पर उसके खिलाफ किसी तरह की कठोर कार्रवाई न हो।

सीहोर से देवास किया गया स्थानांतरण : न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता सीहोर निवासी राजेंद्र वर्मा की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी व विकास मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता नसरुल्लागंज जिला सीहोर में पदस्थ था। 5 जून, 2020 को एक आदेश के जरिये उसे देवास स्थानांतरित कर दिया गया। चूंकि याचिकाकर्ता संविदा अधिकारी बतौर कार्यरत था, अत: नियमानुसार उसे एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। इसके अलावा आपत्ति का अन्य बिंदु यह है कि याचिकाकर्ता के बच्चे सीहोर में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में बीच सत्र में देवास जाने से उनकी पढ़ाई बाधित होगी। एक साल खराब हो जाएगा। यही नहीं याचिकाकर्ता की वृद्ध व बीमार मां का इलाज भी सीहोर में चल रहा है। इसके अलावा कोविड-19 के खतरे की वजह से भी याचिकाकर्ता को दूसरे जिले में भेजना उचित नहीं होगा। हाई कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद अंतरिम राहत देते हुए याचिकाकर्ता के तबादले पर रोक लगा दी। साथ ही राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया।

Posted By: Brajesh Shukla

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