जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबलपुर हाई कोर्ट का मुख्यालय होने के बावजूद पिछले 70 साल से जबलपुर न्यायिक राजधानी बन नहीं पा रहा है। हाई कोर्ट का विखंडन किया गया तथा ग्वालियर और इंदौर में बेंचेस स्थापित की गई। इस संबंध में अधिवक्ता 15 फरवरी को मुख्यमंत्री से मिलकर चर्चा करेंगे। मप्र कांग्रेस कमेटी विधि एवं मानव अधिकारी विभाग के सचिव विनोद सिसोदिया ने बताया कि न्यायिक राजधानी बनाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह ने बताया कि जबलपुर का महत्व कभी भी घटाया नहीं जाएगा। जबलपुर में न्यायिक राजधानी बनाने के लिए राज्य सरकार शीघ्र निर्णय लेगी। प्रतिनिधि मंडल में एडवोकेट अनुभव कुशवाहा, महेश पांडे, जितेन्द्र सिंह, प्रसन्नजीत चटर्जी,अंकिता अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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