जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

तपस्थली पर आयोजित होने वाले नर्मदा कुंभ में भक्तों व श्रद्धालुओं के लिए नर्मदा गो कुंभ मोक्ष प्रदायक साबित होगा। विगत 30 वर्षों की तपस्या का प्रतिफल है कि गीताधाम ग्वारीघाट में 24 फरवरी से 3 मार्च तक विशाल मां नर्मदा कुंभ संत समागम का आयोजन होने जा रहा है। नर्मदा कुंभ संतों और महंतों द्वारा निकली हुई वाणी से हम सभी आनंद का अनुभव करेंगे। आप सभी इसमें शामिल हों अपने जीवन को कृतार्थ करें। उक्त आशय के उद्गार नर्मदा गो कुंभ संत समागम स्थल पर हनुमान जी का आह्वान करते हुए झंडा वंदन के अवसर पर बाबा कल्याणदास ने व्यक्त किए और नर्मदा कुंभ में उपस्थित रहने की स्वीकृति भी प्रदान की। विदित हो कि नर्मदा गो कुंभ संत समागम के संस्थापक व संरक्षक जगद्गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज व संयोजक डॉ. स्वामी नरसिंह दास महाराज और वित्त मंत्री तरुण भनोट की अध्यक्षता में आयोजित होने जा रहा है। जिसके प्रमुख यजमान गौरव भनोत हैं। नर्मदा कुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, कुंभ स्थल पर विशाल भगवान शंकर व अर्धनारीश्वर भगवान की विशाल मूर्ति का निर्माण किया जा रहा है। पांच प्रमुख यज्ञों के लिए यज्ञशाला का निर्माण भी अंतिम चरण में है।

पेशवाई के दिन कई मार्ग डायवर्ट होंगेः

24 फरवरी को निकाली जाने वाली पेशवाई के लिए समिति के सदस्यों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं और पेशवाई मार्ग को दुरुस्त करने का काम भी तेजी के साथ किया जा रहा है। पुलिस व्यवस्था को लेकर डीआईजी मनोहर वर्मा, एसपी अमित सिंह, एडिशनल एसपी अमृत मीणा व अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ नर्मदा कुंभ संयोजक डॉ. स्वामी नरसिंह दास और गौरव भनोत यजमान द्वारा रूट निर्धारण व पार्किंग व्यवस्था के संबंध में गहन चर्चा की गई।

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कल्याण का विरोधी होता है अभिमान

जबलपुर। इस संसार में मद अनेक प्रकार के होते हैं, कुलीनता का मद, कर्म का मद, उम्र का मद, रूप का मद, विद्या का मद, ऐश्वर्य का मद आदि। इसके कारण मनुष्य घमंडी न हो जाए तो समझो उस पर भगवान का बड़ा अनुग्रह है। अभिमान संपूर्ण कल्याण का विरोधी है। तिलवारा के समीप रमनगरा स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में अल्प प्रवास पर जबलपुर पधारे इंदौर शंकराचार्य मठ के प्रभारी डॉ. गिरीशानंद महाराज ने मंगलवार को प्रवचन में यह बात कही।

प्रणाम के भी कई अर्थः

महाराजश्री ने बताया कि प्रणाम के भी कई प्रकार हैं। प्रणाम करने से अहंकार का शमन होता है. साधु, माता-पिता और बुजुर्गों को प्रणाम कीजिए। कुछ प्राप्त करना हो तो पात्र बनिए। कोई भी पदार्थ को रखने के लिए पात्र होना जरूरी है।

राजा बलि की तरह बनें:

डॉ. गिरीशानंद महाराज ने बताया कि राजा बलि बड़ा श्रेष्ठ पुरुष है, उसने माया पर विजय प्राप्त कर ली। दुख में भी वह दुखी नहीं हुआ। उसका धन छिन गया, स्थान नष्ट हो गया, उसको शत्रु ने बांध लिया, भाई-बंधुओं ने छोड़ दिया और नाना प्रकार की याचनाएं मिलीं। गुरु ने उसकी भर्त्सना की, परंतु वह सत्य प्रेमी है। अपने सत्य का परित्याग नहीं किया। भगवान ने भी उसके साथ छल किया। छल से उसका सब कुछ हर लिया, लेकिन भगवान से भी उसने कोई शिकायत नहीं की। उक्त अवसरों पर जो सत्य की रक्षा करता है, वही धर्म की रक्षा करता है और ईश्वर उसके वश में हो जाते हैं और भक्त भगवान से बड़ा हो जाता है। इसीलिए भगवान बलि के पहरेदार बन गए और सदा बलि की आंखों के सामने रहने लगे। व्यासपीठ का पूजन जीतू बिजोरिया, नारायण साहू, लक्ष्मी साहू राजेश साहू, पुरुषोत्तम सोनी, डॉ. अनिल तिवारी, एडवोकेट एलएन त्रिपाठी, हरिकांत त्रिपाठी आदि ने किया।

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निर्मल नर्मदा को सहेजने की आवश्यकता

जबलपुर। भगवान शिव की भांति अनादिकाल से ही मां नर्मदा अविरल एवं निर्मल है। हमें उन्हें सहेजने की आवश्यकता है। वे परम पवित्र हैं। उक्ताशय के उद्गार ग्वारीघाट साकेतधाम में चल रहे रामेश्वरम्‌ महादेव की पाटोत्सव में मंगलवार को बाबा कल्याणदास ने व्यक्त किए।

प्रवचन में जगद्गुरु द्वाराचार्य डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य ने कहा कि अन्न का विकल्प तो हो सकता है, किंतु जल का विकल्प मौजूद नहीं है। हमें जल स्रोतों को धारण करने वाले वृक्षों को संरक्षित करना चाहिए। स्वामी गिरीशानंद महाराज ने कहा कि नर्मदा में मल का प्रवाह न हो ऐसा शासन-प्रशासन को करना चाहिए ताकि निर्मलता बनी रहे। इस दौरान थैलियों को वितरित किया गया। इस अवसर पर स्वामी मुक्तानंद, डॉ. एसपी गौतम, डॉ. ब्रजेश दीक्षित, डॉ. कृष्णकांत चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे। स्वस्ति वाचन पंडित रोहित दुबे ने किया। कार्यक्रम में 19 फरवरी को भजन गायिका अनुराधा पोडवाल को स्वामी अखंडानंद सरस्वती विशिष्ट व्यक्तित्व अलंकरण से शाम 4 बजे सम्मानित किया जाएगा।

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24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ आज से

गायत्री परिवार ट्रस्ट के तत्वावधान में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन 19 से 23 फरवरी तक ग्राम बिनैकी में किया जा रहा है। जिसमें बुधवार को दोपहर 12 बजे से मंगल कलश यात्रा शुरू होगी। यात्रा में कीर्तन मंडली शामिल होगी। 20 फरवरी को सुबह 9 बजे से 24 कुंडीय महायज्ञ शुरू होगा। दोपहर 2 बजे से पुज्ञा पुराण का वाचन गायत्री साधक हरिद्वार के सुखदेव करेंगे। उपस्थिति की अपील प्रमोद राय, नारायण दुबे, डॉ. ओपी पटेल, अशोक पटेल, प्रीतम पटेल आदि ने की है।

Posted By: Nai Dunia News Network