जबलपुर/गोसलपुर/सिहोरा/नईदुनिया प्रतिनिधि

लैब तकनीशियनों के अभाव में करीब एक साल से मरीजों की खून-पेशाब की जांच बंद है। रेडियोग्राफर की कमी के चलते उधार में मिली एक्सरे मशीन भी धूल फांक रही है। गर्भवती महिलाओं समेत अन्य मरीजों को सोनोग्राफी की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। यह हालात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर के हैं। यहां 90 से ज्यादा गांवों के मरीजों की सेहत की रक्षा की जिम्मेदारी एकमात्र चिकित्सक के भरोसे छोड़ दी गई है। हैरानी की बात यह है कि पदस्थ चिकित्सक की ड्यूटी शासकीय अस्पताल सिहोरा में भी लगाई जा रही है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यह अस्पताल माह में कई दिन चिकित्सक विहीन रहता है और मरीजों की नब्ज कर्मचारी टटोलते हैं। डिलीवरी पाइंट होने के बावजूद हर माह 25-30 प्रसव ही हो पा रहे हैं। सुविधाओं की कमी के कारण महिलाओं को जबलपुर रेफर करना पड़ता है।

सप्ताह में दो दिन होता थी एक्सरे जांच :

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोसलपुर में सप्ताह में दो दिन शासकीय अस्पताल पनागर से रेडियोग्राफर की ड्यूटी लगाई जाती थी, जिसके चलते मरीजों को एक्सरे परीक्षण कराने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ता था। वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर करीब 6 माह से यह सुविधा भी बंद कर दी गई। गोसलपुर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को एक्सरे जांच के लिए सिहोरा, जबलपुर भटकना पड़ता है। इसी तरह करीब 1 साल से लैब टेक्नीशियन न होने के कारण पैथोलॉजी बंद है और मरीजों को खून की जांच कराने भटकना पड़ता है। सरकारी अस्पताल में पैथोलॉजी व एक्सरे परीक्षण बंद होने के कारण निजी जांच केंद्रों में मरीज लूट-खसोट का शिकार हो रहे हैं, क्योंकि ज्यादातर केन्द्र अप्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ चला रहे हैं।

नर्सिंग स्टाफ पर प्रसव का जिम्मा :

महिला चिकित्सक के अभाव में प्रसूति कार्य की जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ के भरोसे छोड़ दी गई है। प्रसव पूर्व जिन महिलाओं को सोनोग्राफी व पैथोलॉजी जांच की आवश्यकता होती है, उन्हें एल्गिन अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को भटकाव के कारण एंबुलेंस में भी प्रसव के मामले सामने आ चुके हैं। जनसेवा समिति गोसलपुर के सदस्यों ने सांसद राकेश सिंह एवं विधायक नंदिनी मरावी को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच सुविधा की मांग की है। अस्पताल के बीएमओ डॉ. दीपक गायकवाड़ ने कहा कि पुरानी एक्सरे मशीन पनागर स्वास्थ्य केंद्र से ली गई थी, जो बंद पड़ी है।

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वर्जन

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में एक्सरे व पैथोलॉजी जांच सुविधा प्रारंभ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की सुविधा का ध्यान रखा जाता है।

-डॉ. मनीष मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network