जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मदन महल रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 1 के पीछे से निकला 16 फीट चौड़ा ओमती नाला अब 6 फीट तक सिकुड़ गया है। उसमें भी बारिश को देखते हुए अभी तक नाले की सफाई नहीं हुई है। क्योंकि रेलवे और नगर निगम के बीच नाले की सफाई कराने को लेकर सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। नाले की सफाई और गहरीकरण न होने से बारिश के दौरान पिछली बारिश की तरह इस बार भी आसपास की कालोनियों में जलप्लावन का खतरा मंडराने लगा है।

रेलवे की दीवार बनने से सफाई में दिक्कत

विदित हो कि मदनमहल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल बनाने के लिए निर्माण कार्य के चलते नाले की चौड़ाई भी प्रभावित हुई है। नगर निगम का कहना है कि नाले की चौड़ाई कम होने और रेलवे द्वारा दीवार खड़ी कर दिए जाने से जेसीबी व अन्य मशीन से सफाई कराने में परेशानी हो रही है। नाले के हाल यह हैं कि सफाई और गहरीकरण न होने से कचरा, गंदगी से नाले का लेबल ऊपर आ गया है। नाले के ऊपर सिल्ट जमा हो गई है।

इन क्षेत्रों में जल भराव का अंदेशा

पिछली बार बारिश के दौरान उफान में आए नाले से मदनमहल, कालीमठ, गुलौआ, शिवनगर आदि क्षेत्र में पानी भर गया था। क्षेत्रीयजनों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं कराई तो इस बार फिर क्षेत्र में जलप्लावन के हालात बन सकते हैं।

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स्टेशन के पीछे कुछ हिस्से में नाले की सफाई नहीं हो पाई है। बाकी नाला साफ कराया जा चुका है। रेलवे से चर्चा कर बचे हिस्से को भी साफ कराया जाएगा।

-भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम

Posted By: Nai Dunia News Network

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