जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबलपुर विकासखंड के 970 अध्यापकों का वेतन दो माह से नहीं हो रहा है। इसके पीछे कई तरह के कारण गिनाए जा रहे हैं। जिले के अधिकारियों का कहना है कि डीपीआई (लोक शिक्षण संचालनालय) अधिकारियों के कारण अध्यापकों की पगार रुकी है, क्योंकि भोपाल से वेतन संबंधी कार्य नहीं किए जा रहे हैं। इधर शिक्षक संगठन के नेताओं का कहना है कि अध्यापकों को समय पर वेतन न मिले इसके लिए भोपाल के अधिकारी आईएफएमएस साफ्टवेयर की आड़ ले रहे हैं। हकीकत ये है कि भोपाल के अफसर काम ही नहीं कर रहे हैं।

अध्यापकों ने साहूकारों से लिया कर्जः

अध्यापक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण बहुत से अध्यापकों ने साहूकारों से ब्याज में पैसा उधार लिया है। उधार लेने में वह अध्यापक शामिल हैं जिन्होंने घर बनाने के लिए कर्जा लिया था या फिर जो बीमार हैं।

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भोपाल के अधिकारी जानबूझकर अध्यापकों के वेतन रोके रखे हुए हैं। आईएफएमएस साफ्टवेयर में काम ही नहीं हुआ है इसलिए नवीन अध्यापकों का वेतन रुका है।

-योगेंद्र दुबे, प्रांतीय महामंत्री मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ

आईएफएमएस साफ्टवेयर की आड़ लेकर अध्यापकों को वेतन से वंचित रखा जा रहा है। वेतन नहीं मिलने से अध्यापक परेशान हैं।

-अजय सिंह ठाकुर, जिला अध्यक्ष अध्यापक संगठन

रक्षाबंधन त्योहार में वेतन नहीं होने से अध्यापकों में निराशा है। बहुत से अध्यापकों ने घर खर्च चलाने के लिए कर्जा ले लिया है।

-नरेंद्र त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष राज्य सहायक अध्यापक संघ

अध्यापकों का वेतन दो माह से नहीं इसके लिए लगातार विभाग को पत्र लिखे जा रहे हैं। जवाब मिल रहा है कि जल्द ही अध्यापकों को वेतन मिलेगा।

-सुनील कुमार नेमा, जिला शिक्षा अधिकारी

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