जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मदरसों के वार्षिक रखरखाव, रंगाई-पुताई के लिए व्यय होने वाली राशि की अंतिम किश्त लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी कर दी है। जबलपुर समेत प्रदेश के 1565 मदरसों के लिए राशि जारी की गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों को समय सीमा के भीतर राशि मदरसों के खाते में डालनी हैं।

विभाग से जारी पत्र में कहा गया है कि मदरसों की रिपेयरिंग, मेंटेनेंस को लेकर सालाना 25 हजार रुपये प्रति मदरसा दिया जाता है। सत्र 2020-21 के लिए तीन किश्त पहले ही दी जा चुकी है। जो क्रमशः 7600, 7 हजार और 8 हजार रुपये थी। अब शेष 2400 रुपये अंतिम किश्त की बाकी है जिसे जारी किया गया है।

क्या होगा राशि का : मदरसों की रंगाई-पुताई, विद्युत अनुरक्षण, पेयजल, शौचालय व्यवस्था और फर्नीचर की व्यवस्था आदि कार्य पर खर्च किया जाना है। विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों के 1565 मदरसों के लिए ये राशि आवंटित की है। इसमें साफ है कि जिला शिक्षा अधिकारी कोषालय के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा के अंदर ई-बैंकिंग के जरिए सीधे मदरसों के बैंक खाते में राशि जमा करें। यदि इस कार्य में देरी हुई तो इसकी संपूर्ण जवाबदेही जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। इसके अलावा मदरसों को उपयोगिता प्रमाण पत्र 15 अप्रैल 2021 तक संचालनालय को भेजना अनिवार्य होगा। कई मदरसा संचालकों का इस संबंध में कहना है कि उन्हें जो राशि शासन से आवंटित की जा रही है वह बहुत कम है मौजूदा वक्त में इस राशि से मदरसों का मेंटेनेंस का काम करना संभव नहीं हो पाता है। यही वजह है कि ज्यादातर मदरसों की स्थिति बेहद जर्जर बनी हुई है। वहां के शौचालय बदबूदार है इस वजह से कई तरह की बीमारी होने का खतरा बना रहता है।

Posted By: Brajesh Shukla

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