जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम की सीमा में आने वाले 16 संभाग के 79 वार्ड पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। यह दावा ओडीएफ प्लस-प्लस की टीम ने किया है। दरअसल भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय ने नगर निगम जबलपुर को ओडीएफ++ का दर्जा देते हुए प्रमाण पत्र जारी किया है, जिसके बाद यह तय हो गया है कि शहर खुले में शौच से न सिर्फ मुक्त हो गया है बल्कि शहर की सीमा में आने वाले लगभग 50 सार्वजनिक और सामुदायिक टॉयलेट में लोगों को सभी सुविधा मिल रही है।

लोगों ने दिखाया सकारात्मक रवैया: ओडीएफ प्लस-प्लस सर्टिफिकेशन मिलने पर निगमायुक्त अनूप कुमार ने कहा कि शहर के लोगों के सकारात्मक रवैया, सहयोग से यह संभव हो सका है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के स्वच्छता अभियान में लगे सभी निगम के अधिकारी और कर्मचारी की मेहनत रंग लाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान की पहली प्रतियोगी परीक्षा में नगर निगम का प्रदर्शन अव्वल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप शहर को तीसरी बार भारत सरकार द्वारा ओडीएफ प्लस-प्लस का दर्जा मिला। इससे पहले स्वच्छता अभियान 2019 और 2020 में भी जबलपुर शहर को ओडीएफ प्लस-प्लस का दर्जा मिल चुका है।

टीम ने किया था गोपनीय सर्वे: दिसंबर माह में ओडीएफ प्लस-प्लस की टीम ने शहर के तालाब और आस-पास के क्षेत्रों में गोपनीय तरीके से सर्वे किया था। उन्होंने सुबह और शाम के वक्त औचक निरीक्षण कर खुले में शौच करने वाले स्थानों की जांच की। इस दौरान उन्हें कहीं भी खुले में शौच करते हुए लोग नहीं मिले। वहीं सार्वजनिक और सामुदायिक टायलेट में लोगों को मिलने वाली सभी सुविधाओं को भी परखा। दोनों ही परीक्षा में निगम पास हो गया और जिसके बाद निगम को ओडीएफ प्लस-प्लस का दर्जा मिला।

Posted By: Ravindra Suhane

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