जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Jabalpur News प्रधानमंत्री हर घर सहज बिजली योजना (सौभाग्य) में फर्जीवाड़े की परते लगातार खुल रही हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अकेले 968 करोड़ रुपए की इस योजना में लाखों रुपए के अवार्ड अफसरों ने वसूल लिए। काम तय वक्त पर पूरा करने के लिए ये अवार्ड कंपनी प्रबंधन ने अफसरों को बांटा था। अब जांच में घोटाले सामने आ रहे हैं लेकिन कंपनी अफसरों ने अवार्ड वापस नहीं लिए हैं।

डिंडौरी,मंडला में पहले ही सौभाग्य योजना में करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर हो चुका है।

ऊर्जा मंत्री इस मामले में खुद पूरे प्रदेश में जांच करवाने की तैयारी कर रहे हैं। जांच का दायरा इतना बड़ा है कि ऊर्जा विभाग इस जांच को अलग विभाग के माध्यम से करवाना चाह रहा है। अभी मंडला, डिंडौरी, सिवनी, सीधी और सिंगरौली जिले में सौभाग्य योजना की जांच करवाई जा रही है।

जहां अफसरों ने काम कराने की हड़बड़ी में काम ठीकेदारों को सौंपने के तीन दिन के भीतर ही बिल तक पास करवा दिए। व्यावहारिक तौर पर ऐसा होना संभव नहीं है। जांच करने वालों ने इस मामले में बिल भुगतान की फुर्ती देखकर हैरानी जाहिर की।

लाखों के भुगतान महज कार्य स्वीकृति के तीन से एक हफ्ते के भीतर हुए हैं। जिसे देखकर कोई भी इस फर्जीवाड़े को आसानी से भांप सकता है। अफसरों ने अपने क्षेत्रों में काम किया और मंडला-डिंडौरी समेत सीधी-सिंगरौली के अफसरों ने एक-एक लाख रुपए का अवार्ड हासिल किया। कंपनी प्रबंधन ने सीधे निजी खातों में रकम ट्रांसर्फर की। अब सवाल ये है कि जब जांच में ऐसी अफसर निकल रहे हैं तो कंपनी उनसे अवार्ड वापस क्यों नहीं ले रही है।

इनका कहना है

इस मामले में कंपनी स्तर पर विभिन्न् जांच करवाई जा रही है। जांच का दायरा विस्तृत होने के कारण वक्त लग रहा है। जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

कविता बाटला, सीजीएम मानव संसाधन पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

Posted By: Hemant Upadhyay

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