जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जबलपुर रेल यार्ड के रिमॉडलिंग कार्य ने जबलपुर के लगभग हर यात्री को त्योहार के समय हलाकान कर दिया। 22 से ज्यादा ट्रेन रद्द हैं और जो ट्रेन चल रही हैं उनमें पैर रखने की जगह नहीं है। दूसरी ओर ये ट्रेन ब्लॉक हटने के बाद भी घंटों आउटर पर खड़ी हो रही हैं। जिससे यात्रियों में खासा गुस्सा देखा जा रहा है। यह समस्या अभी 27 अगस्त तक और बनी रहेगी।

त्योहार के समय अधारताल और मदन महल से और ट्रेन शुरू रहने की आस लगाए बैठे शहर के नागरिक और यात्री ट्रेन न चलने से परेशान दिखे। त्योहार के समय शहर से बाहर गए और जबलपुर आए रेल यात्री अब अपने गंतव्य को वापस जा रहे हैं लेकिन उनके सामने कोई ट्रेन न होने की समस्या है।

रायपुर के लिए जहां अमरकंटक एक्सप्रेस ही एकलौती ट्रेन है जिसमें इन दिनों पैर रखने के लिए तक जगह नहीं है। रविवार को इटारसी एंड की तरफ पुराने पॉइंट को हटाकर नया पॉइंट लगाया गया। यह पॉइंट सीधे एक नंबर प्लेटफॉर्म से जुड़ा रहेगा जिसमें नए बन रहे प्लेटफॉर्म के लिए भी ट्रेनों का आवागमन आसान होगा।

नहीं सुधर रही जनशताब्दी

हबीबगंज, भोपाल के लिए आने-जाने वाली जनशताब्दी के यात्री इस ट्रेन के आउटर पर खड़े होने को लेकर परेशान हैं। जबकि यह ट्रेन मदन महल रेलवे स्टेशन से चल रही है। इसके पहले भी जब जबलपुर रेलवे स्टेशन से चलती थी तो भी आउटर पर रुकने की समस्या थी लेकिन मदन महल से चल रही है तो भी वह कछपुरा के पास आकर घंटों के लिए रुक जाती है।

आखिरी के तीन दिन अहम

मंडल रेलवे द्वारा 29 जुलाई से रेल ब्लॉक लेने का कार्य किया जा रहा है जो 27 अगस्त तक रोजाना पांच घंटे का रहेगा। 25 अगस्त तक नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है लेकिन 25 से 27 अगस्त तक तीन दिन इंटरलॉकिंग का कार्य रेलवे करेगी जिसमें संभवतः जबलपुर से गुजरने वाली व चलने वाली सभी ट्रेन तीन दिन के लिए रद्द रखी जाएंगी।

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