जबलपुर, नईदुनिया रिपोर्टर। कोरोना बीमारी को लेकर जिस तरह से खबरें आ रही हैं, यह दिन प्रतिदिन लोगों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। बुजुर्गों को चिंता है कि वे अपने आप को स्वस्थ कैसे रखें, वहीं उन लोगों को भी इस बात का तनाव है कि वे उन्हें पहले से ही कई बीमारियां घेरे हुईं हैं, तो वे अपनी सुरक्षा कैसे कर पाएंगे। विद्यार्थियों को चिंता है कि उनकी परीक्षा को लेकर अब कोई और फैसला तो नहीं आ जाएगा। युवाओं को इस बात का तनाव है कि उनका रोजगार सही रहेगा या नहीं। हर एक उम्र का अपना अलग तनाव है, ऐसे में तनाव मुक्त रहने और मन को शांत करने के लिए लोग कई प्रयास कर रहे हैं। कोई व्यायाम कर रहा है, तो कोई घर पर ही पूजा पाठ कर रहा है। इनमें ज्यादातर लोग ऐसे हैं तो आध्यात्म का सहारा ले रहे हैं। आध्यात्म से जुड़े लोग अपने तनाव को कम कर रहे हैं। सुबह उठकर कर ध्यान करना और पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करने की यह कला लोगों में आध्यात्म से आ रही है।

आनलाइन कोर्सेज कर जुड़ रहे आध्यात्म से : बीके विनीता बहन ने बताया कि इस समय सेंटर बंद है, लेकिन लोग तनाव महसूस कर रहे हैं और वे हर एक माध्यम से सेंटर से संपर्क बनाए हुए हैं। लोगों को बीमारी को लेकर भय है। इस दौरान लोगों को तनाव से दूर रखने के लिए वे आनलाइन काउंसलिंग कर रहीं हैं और लोगों को ध्यान करने की सलाह दे रही हैं। इसके साथ ही लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे परमात्मा के साथ और आध्यात्मिक बातों को सुनें। नकारात्मक खबरों से दूरी बनाकर अपने आसपास अपने परिवार के साथ खुश रहने की कोशिश करें। कल की चिंता करके अपना आज खराब न करें। लाकडाउन के समय को यह समझें कि आपको अपनों के साथ बेहतर वक्त बिताने का मौका मिला है और इस अवसर का लाभ उठाएं। इससे मन भी शांत होगा और अच्छे विचार आएंगे।

Posted By: Brajesh Shukla

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