जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बरसात थमने के बाद बढ़ा मच्छरों का आतंक ठंड के मौसम में भी कम नहीं हो रहा है। अब तक 365 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं तथा मलेरिया व चिकनगुनिया का आंकड़ा भी रफ्तार पकड़ रहा है। मच्छरों के विनष्टीकरण में की जा रही हीलाहवाली के कारण नागरिकों की सेहत खतरे में पड़ गई है। निजी अस्पतालों के आंकड़ों पर भरोसा करें तो डेंगू का आंकड़ा 1 हजार के पार निकल गया है जिसमें दर्जन भर मरीज असमय मौत का शिकार हुए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इस साल अब तक डेंगू से एक भी मौत दर्ज नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों में जागरुकता बढ़ी है, बावजूद इसके घर-घर पल रहे मच्छरों के लार्वा के विनष्टीकरण में लापरवाही के कारण लोग मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

घर हो या दफ्तर हर जगह लार्वा-

स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीम ने हाल ही में शासकीय व निजी भवनों में लार्वा विनष्टीकरण का अभियान चलाया। प्रायः सभी शासकीय व पॉश कॉलोनियों में स्थित रहवासी व व्यवसायिक भवनों में डेंगू के संवाहक एडीज मच्छरों के लार्वा मिले। कई घरों के उपयोग बंद होने के बावजूद कूलरों में पानी भरा मिला, जिसमें मच्छरों के लार्वा मिले।भवनों में लगे एसी, कमरों में रखे फ्रिज तक में एडीज मच्छरों के लार्वा मिले। जिला मलेरिया अधिकारी नीता मिश्रा ने कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जाता है, जिसके अपेक्षित परिणाम सामने आए हैं लेकिन अब भी पॉश इलाकों के रहवासी लापरवाही बरत रहे हैं।

निजी अस्पताल नहीं दे रहे जानकारी-

डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के मरीजों की सही जानकारी से स्वास्थ्य विभाग अनजान है। दरअसल, जिले के कई निजी अस्पताल व पैथालॉजी केन्द्र मरीजों की सही जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं। जबकि लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के निर्देश हैं कि निजी अस्पताल को बैक्टीरिया, जीव-जंतु जनित बीमारी से पीड़ित मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देना आवश्यक है। इन रोगों में पीलिया, डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू, चिकनपॉक्स, डायरिया, टाइफाइड भी शामिल हैं।

बोलते आंकड़े-

वर्ष मलेरिया डेंगू चिकुनगुनिया

2015 374 41 5

2016 374 17 10

2017 316 130 81

2018 230 825 1543

2019(27 नवंबर तक) 83 365 207

39 वार्डों में मच्छरों का ज्यादा खतरा-

शहर के 39 वार्डों में मच्छरों का ज्यादा खतरा सामने आया है। इन वार्डों में महात्मा गांधी वार्ड, जवाहरगंज, शीतलामाई, वल्ल्भभाई पटेल, महाराणा प्रताप वार्ड, इंदिरा गांधी वार्ड, गढ़ा, सरदार वल्लभ भाई पटेल, वीरेन्द्रपुरी, जाकिर हुसैन, चितरंजन, वीर सावरकर, महर्षि अरविंद, मोतीलाल नेहरू, जसुभद्राबाई चौहान, कमला नेहरू, रानी दुर्गावती, ग्वारीघाट, बाबूराव परांजपे, शहीद अब्दुल हमीद, कस्तूरबा गांधी, जयप्रकाश नगर, त्रिपुरी, सुभाष वार्ड, रामपुर, शहीद गुलाब सिंह, मदन महल, राजीव गांधी, गोरखपुर, विवेकानंद, गिरिराज किशोर, कैंट, रांझी, मौलाना अब्दुल कलाम, नरसिंह, रविन्द्र नाथ टैगोर, महर्षि सुदर्शन, महर्षि योगी, लोमान्य तिलक वार्ड शामिल हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network