जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। किस्मत के बदले अस्मत की सौदेबाजी का कलंक झेल चुके नेताजी सुभाषचंद बोस मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में अध्ययनरत पैरामेडिकल (फिजियोथेरेपी) छात्राओं ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर की नीयत में खोट होने के आरोप लगाए हैं। परेशान छात्राओं ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर पशुवत व्यवहार करते हैं और उनकी हरकतों के कारण सभी की गरिमा व निजता पर खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि असिस्टेंट प्रोफेसर की हरकतों पर लगाम न कसी गई तो छात्राएं आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगी। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची छात्राओं द्वारा की गई उत्पीड़न की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी सीएसपी गढ़ा को सौंपी गई है।

शारीरिक बनावट पर करते हैं अशोभनीय टिप्पणी-

छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ नामजद शिकायत में बताया कि वे पहनावा यहां तक कि उनकी शारीरिक बनावट पर अशोभनीय टिप्पणी करते हैं। उनकी निजता सार्वजनिक तौर पर भंग की जाती है। विरोध करने पर उनका भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने डीन, विभागाध्यक्ष, एंटी रैंगिंग कमेटी, विभाग समन्वयक से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत करने पर कह दिया जाता है कि इंटर्नशिप पर ध्यान दो, अधिकारियों का समय बर्बाद न करो। उनकी आवाज को अधिकारी दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

मैं बहुत पॉवरफुल हूं कोई कुछ नहीं कर सकता-

छात्राओं ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर धमकी देते हैं कि वे बहुत पॉवरफुल हैं और उनका कोई कुछ नहीं कर सकता। फिजियोथेरेपी की परीक्षाएं फरवरी 2019 में समाप्त हुईं। मई तक इंटर्नशिप पूर्ण हो जाना था, लेकिन इसकी अवधि बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। नीयत में खोट होने के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर दुर्व्यवहार करते हैं, जिससे 13 छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्हें आशंका है कि शिकायत का बदला लेने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर उनके इंटर्न सर्टिफिकेट को खराब कर सकते हैं।

नेताजी सुभाषचंद बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पैरामेडिकल के एक असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ छात्राओं की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूर्ण होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।-अमित सिंह, एसपी

Posted By: Nai Dunia News Network