जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम द्वारा गुलौआ तालाब में लोगों के प्रवेश पर शुल्क लगा दिया है, जिसका स्थानीय लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। विरोध के तीसरे दिन सीनियर सिटीजन और बच्चों ने इस आदेश का विरोध करते हुए कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने निगम पर तानाशाही करने और लोगों की सुविधाओं का हनन करने का भी आरोप लगाया।

निगम के निर्णय का विरोध : दरअसल नगर निगम द्वारा गुलौआ के तालाब में प्रवेश के लिए शुल्क निर्धारित करने को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया। सोमवार से शुरू हुए इस प्रदर्शन का क्रम लगातार जारी है। तालाब में प्रवेश शुल्क के विरोध में नगर प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए नगर निगम के निर्णय का विरोध किया जा रहा है।

अनशन में बुजुर्ग भी शामिल : सीनियर सिटीजन (बुजुर्ग) द्वारा अनशन स्थल पर प्रदर्शन कर प्रवेश शुल्क का विरोध जताया। जिसमें विजय नेमा, अरुण तिवारी, एमडी अवस्थी, कैलाश नेमा, कमलेश पटेल, चंद्रदेव शाह, जगदीश मालवीय, विनोद विश्वकर्मा, रमाकांत जायसवाल, भगवान दास दुबे, दिनेश केसरवानी, अमर मिश्रा सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने प्रदर्शन किया।

धरना-प्रदर्शन के संयोजक संजय राठौड़ ने बताया कि गुलौआ चौक से कैंडल मार्च निकाला गया। जो गुलौआ तालाब के मुख्य गेट पर आकर खत्म हुआ। इस दौरान कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने नगर प्रशासन की तानाशाही का विरोध किया व प्रशासन से मांग की है कि यदि शीघ्र अतिशीघ्र प्रवेश शुल्क बंद नहीं किया जाता है तो हम सभी वरिष्ठ सिटीजन के साथ-साथ अब बच्चों के साथ धरना स्थल पर आकर धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहा है, जबकि तालाब सार्वजनिक है और यहां पर हर व्यक्ति के आने-जाने पर किसी तरह की रोक अब तक नहीं लगी, लेकिन निगम ने इसके प्रवेश पर शुल्क लगा दिया है , जिससे इस तालाब में बिना शुल्क दिए प्रवेश नहीं कर सकते।

Posted By: Brajesh Shukla

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