जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ट्रेनें भले ही चालू हो गई हों लेकिन यात्रा करना आसान नहीं है। अभी भी तत्काल टिकट तो मिल रही है लेकिन जरूरी नहीं कि आपको सीट मिल जाए। क्योंकि आरक्षित टिकट का काउंटर खुलते ही सीटें फुल हो जाती हैं। इसके पीछे पूरा खेल मेंगो एप से हो रहा है। जिसमें दलाल सीटें बुक कर लेते हैं। इसके बाद लाइन में लगे यात्रियों को सिर्फ गुठली ही हाथ लगती है।

जबलपुर से गुजरने वाली महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार की ट्रेनों में एक माह की लंबी वेटिंग है। यात्रियों को जो थोड़ी बहुत तत्काल टिकट से राहत थी, उसमें भी इन दिनों टिकट दलाल ने कब्जा कर लिया है। वे अनाधिकृत सॉफ्टवेयर की मदद से चंद मिनट में ही पूरी टिकट बुक कर ले रहे हैं और इधर टिकट काउंटर के बाहर रात भर कतार में लगने के बाद सुबह उन्हें कन्फर्म टिकट की बजाय मायूसी हाथ आ रही है।

आरपीएफ के मुताबिक जबलपुर में भी अनाधिकृत एप से तत्काल टिकट बुक की जा रही है। ऐसे दो दलालों को शहर से पकड़ा भी गया है। हालांकि इन्हें रोकने के लिए आरपीएफ के पास फिलहाल कोई योजना नहीं है।

जबलपुर आरक्षण केंद्र का हाल

मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक के बाहर बने आरक्षण केंद्र से सुबह तत्काल टिकट लेने के लिए यात्री रात को ही केंद्र के बाहर कतार लगाकर खड़े हो जाते हैं। रात भर कतार में लगने के बाद सुबह जब तत्काल टिकट का काउंटर खुलता है तो पहले व्यक्ति को किसी तरह आरक्षित टिकट मिल जाती है, लेकिन दूसरे से लेकर आखिर तक खड़े यात्री को आरक्षित टिकट नहीं मिलती। जानकार बताते हैं इन दिनों यात्री के घर, गांव, थाना, पोस्ट, शहर, आधारकार्ड समेत इतनी जानकारी सिस्टम में अपलोड करनी पड़ती है, जिसमें सबसे ज्यादा वक्त लगता है।

एक घंटे का वक्त, एक मिनट में सीटें फुलः

हर ट्रेन में निर्धारित सीटों का कुछ प्रतिशत तत्काल सीट के लिए आरक्षित रहता है। ट्रेन के एसी कोच की तत्काल टिकट के लिए सुबह 10 बजे काउंटर खोला जाता है तो वहीं स्लीपर के लिए सुबह 11 बजे खुलता है। दोनों ही श्रेणी में टिकट बुक करने के लिए एक घंटे का वक्त होता है, लेकिन काउंटर पर बैठा क्लर्क जैसे ही पहले यात्री की जानकारी पीआरएस में अपडेट करता है, तब तक 90 फीसदी सीट ऑनलाइन बुक हो जाती है। बमुश्किल से एक ही यात्री को कन्फर्म टिकट मिलती है।

तत्काल टिकट ऐसे बुक करते हैं दलाल

- टिकट दलाल इन दिनों सॉफ्टवेयर की मदद से तत्काल टिकट बुक कर रहे हैं

- रियल मेंगो, रेड चिली समेत तकरीबन एक दर्जन एप से तत्काल टिकट बुक हो रही है

- सुबह 10 बजे से पहले इन सॉफ्टवेयर में यात्री की जानकारी अपडेट रख दी जाती है

- जैसे ही घड़ी में सुबह के 10 बजते हैं, स्क्रीन पर तत्काल कोटे की सीट दिखने लगती है

- एप में लोड जानकारी की मदद से चंद सेकंड में ऑनलाइन टिकट बुक हो जाती है

- जबकि काउंटर पर बैठे कर्मचारी 10 बजने के बाद 5 मिनट तक जानकारी भरते हैं।

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जबलपुर में हमने दो टिकट दलालों को पकड़ा था, जो रियल मेंगो एप की मदद से तत्काल टिकट बुक करते हैं। आरपीएफ ऐसे दलालों को पकड़ने योजना बना रही है। टिकट काउंटर पर भी दलालों पर नजर रखी गई है।

-अरुण त्रिपाठी, कमांडेंट, आरपीएफ, जबलपुर मंडल

Posted By: Nai Dunia News Network

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