जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ट्रेनों की रफ्तार तो बढ़ा दी गई। ज्यादातर ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 20 से 30 मिनट देरी से चल रही थीं, लेकिन कोरोना काल के दौरान रेलवे ने ट्रेनों की लेटलतीफी को दूर कर लिया है। जो भी ट्रेनें चल रही हैं, वे अपने निर्धारित समय से एक से दो मिनट भी लेट नहीं चल रहीं। दरअसल इसकी वजह ट्रेनों की कम संख्या होना है। कोरोना काल के पहले 120 से 140 ट्रेनें चलती थीं, लेकिन वर्तमान में महज 68 ट्रेनें ही चल रही है।

इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा होने से मिली राहत : जबलपुर मंडल का सौ फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो गया है। खास तौर पर इटारसी से जबलपुर, कटनी और सतना से होते हुए मानिकपुर तक यह काम पूरा हो गया है, जिसका फायदा न सिर्फ यात्री ट्रेनों को मिला है बल्कि अब मालगाड़ी की रफ्तार भी 40 से 55 किमी प्रति घंटे हो गई है, जो पहले 30 से 40 किमी प्रति घंटे होती थी।

24 घंटे चल रहीं ट्रेनें : कोविड 19 के चलते वर्तमान में मंडल में 68 यात्री गाड़ियों का परिसंचालन प्रतिदिन हो रहा है। मंडल में चलने वाली ये ट्रेन प्रत्येक स्टेशन पर समय पर पहुंचकर गंतव्य को रवाना हो रही हैं। जबलपुर मंडल ने इस माह में 8वीं बार सौ फीसद पंचुअल्टी से यात्री गाड़ियों को चलाने का कार्य किया है। हाल ही में साइक्लोन के कारण पिछले दिनों चली तेज आंधी के दौरान भी यात्री गाडि़यों में मंडल में विलंब नहीं हुआ और न ही किसी ट्रैक को कोई नुकसान या अवरोध हुआ।

Posted By: Brajesh Shukla

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