Jabalpur News: जबलपुर। एमपी स्टेट बार कौंसिल ने 450 नए अधिवक्ताओं को नामांकित किया है। यह निर्णय नामांकन समिति-ए की बैठक में लिया गया। समिति की अध्यक्ष रश्मि ऋतु जैन व सदस्य आरके सिंह सैनी ने प्रदेश भर से आए आवेदनों पर विचार के बाद मुहर लगाई। साथ ही नौकरी से सेवानिवृत्त होकर आए छह आवेदकों का नामांकन बहाल किया। नये अधिवक्ताओं को उनके नामांकन क्रमांक आवंटित कर तत्काल अस्थायी प्रमाण-पत्र कौंसिल की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। डाक से भी प्रमाण-पत्र भेजने की व्यवस्था दी गई। ऐसा इसलिए ताकि नये अधिवक्ता आल इंडिया बार एग्जाम का आनलाइन फार्म समय पर भर सकें।

महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराने की मांग पर सुनवाई अगले सप्ताह: महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराए जाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई होगी। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डा. पीजी नाजपांडे ने बताया पहले हाई कोर्ट ने उनकी याचिका निरस्त कर दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर की गई, लेकिन वो भी निरस्त हो गई।लिहाजा, सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर कर हाई कोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई है।इस बार नये तथ्यों के साथ अपनी बात रखी जाएगी। अप्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर विभेद साफ किया जाएगा।

किसानों की भूमि में खनन पर रोक : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने विधिवत भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी किए बिना खसरे में नाम दर्ज करने के मामले को गंभीरता से लिया। इसी के साथ किसानों की भूमि पर आगामी आदेश तक खनन पर रोक लगा दी। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता रीवा निवासी उमेश कुमार दुबे सहित अन्य किसानों की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ग्राम महेपुर, छिनवा व बहेलिया के किसान हैं। इनकी भूमि का न तो विधिवत अधिग्रहण किया गया और न ही मुआवजा वितरण किया गया। इसके बावजूद अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड कंपनी का नाम खसरे में दर्ज कर लिया गया। इस रवैये को कलेक्टर रीवा के समक्ष चुनौती दी गई, लेकिन उन्होंने नायब तहसीलदार के आदेश को उचित करार दिया। इसीलिए हाई कोर्ट अाना पड़ा।

Posted By: Shivpratap Singh

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