जबलपुर (नईदुनिया रिपोर्टर)। सीबीएसई 10वीं की परीक्षा रद्द होने के साथ ही कक्षा बारहवीं की परीक्षा स्थगित होने की खबर ने बच्चों की बेचैनी बढ़ा दी है। इस खबर को सुनते ही स्कूल के शिक्षकों के पास बच्चों व उनके अभिभावकों के फोन आना शुरू हो गए। पूरे दिन फोन आने का सिलसिला जारी रहा। इस फैसले से वे विद्यार्थी बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। जो परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे। इन विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई हैं? जो मेरिट में आने के सपने सजा रहे थे। कक्षा 10वीं के छात्र ऋषि उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा होना चाहिए इससे सही आंकलन हो पाएगा, लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब रिजल्ट की चिंता हैं? कि इंटरनल मार्क्स पर आधारित रिजल्ट कैसा होगा। सभी को अच्छे नंबर मिलेंगे। इस तरह के कई सवाल विद्यार्थियों के मन में उठ रहे है और वे परेशान हो रहे हैं। उन्हें भविष्य को लेकर चिंता है।

अच्छे अंक लाने की थी पूरी तैयारी: कक्षा दसवीं की छात्रा जानवीं सिंह ने बताया कि कक्षा दसवीं की परीक्षा निरस्त होने से उन विद्यार्थियों की परेशानी काफी बढ़ गई है। जिन्होंने परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली थी। हमारी तैयारी अच्छे से हो रही थी। रोजाना लिखने का अभ्यास कर रहे थे। 10 सालों के पेपर सॉल्व कर रिविजन कर रहे थे। अब जो रिजल्ट बनेगा वो इंटरनल मार्क्स और पहले की जो परीक्षाएं आनलाइन यानी ओपन बुक के आधार पर हुईं थी। उससे बनेगा। ऐसे में हर किसी के अच्छे अंक आएंगे। मेरी तैयारी अच्छी थी 95 फीसदी से अंक लाने की उम्मीद थी। कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मेरे ही साथ ही कई बच्चे संक्रमित हुए है। ये डर तो है मन में लेकिन करियर भी जरूरी है। परीक्षा रद्द होने से आगे भी करियर को लेकर काफी कंफ्यूजन बढ़ रहा है।

परीक्षा की तैयारी रहेगी जारी: कक्षा 12वीं के बायो स्ट्रीम के छात्र अभिनव महावर ने बताया कि परीक्षा को लेकर निर्णय आना बाकी है। परीक्षा होगी कब होगी इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। परीक्षा समय पर होती तो आगे क्या करना है इसका निर्णय भी हो जाता है। हालाकि तैयारी के लिए और वक्त मिल गया है। इस दौरान बोर्ड परीक्षा के साथ ही नीट परीक्षा की भी तैयारी जारी रहेगी। टाइम टेबल में किसी भी तरह का कोई बदलाव न करते हुए पूरा फोकस पर परीक्षा की तैयारी पर ही होगा।

दसवीं के अंकों से असंतुष्ट होने पर दे सकेंगे विद्यार्थी परीक्षा: सीबीएसई सिटी कोर्डिनेटर डॉ. राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि सीबीएसई कक्षा दसवीं की परीक्षा के लिए मैकेनिज्म डेवलप करेगी। उनके रिजल्ट के लिए क्राइटेरिया बनाया जाएगा। जिसके आधार पर मूल्यांकन होगा। ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों के साथ आनलाइन परीक्षा कराई जा सकती है। इसके आधार पर हुए मूल्यांकन से यदि विद्यार्थी संतुष्ट नहीं होंगे तब स्थितियां सुधरने पर उन्हें आफलाइन परीक्षा देने का अवसर मिल सकेगा, लेकिन ये स्थितियां सामान्य होने पर ही संभव होगा। स्थितियों में कब सुधार होगा इसके बारे में अभी से कुछ कहा नहीं जा सकता है। परीक्षा निरस्त होने की खबर से अभिभावकों और बच्चों के लगातार फोन आ रहे हैं। वे इस निर्णय से परेशान हैं।

परीक्षा निरस्त होने से बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा असर: बच्चों ने बड़ी मुश्किल से इस बार को स्वीकार किया था कि परीक्षा होना है। वे इसकी तैयारी में जुट गए थे। तीन घंटे लिखने का अभ्यास भी कर रहे थे।

- ओपन बुक परीक्षा के कारण लगभग सभी विद्यार्थियों के अंक अच्छे हैं, बोर्ड परीक्षा से विद्यार्थियों का सही मूल्यांकन हो पाता, लेकिन परीक्षा नहीं हो रही है। इससे आगे की कक्षाओं के परिणाम पर भी असर पड़ेगा।

- बच्चों की मनोदशा पर भी असर पड़ रहा है। वे किसी भी एक जगह पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। इससे वे आगे क्या करेंगे, कौन सा विषय लेंगे। इसके बारे में भी नहीं सोच पा रहे हैं।

- कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों की परीक्षा में हो रही देरी से उनके आगे के करियर पर ही असर पड़ेगा। जितना ज्यादा वक्त मिलेगा, उनकी पढ़ाई को लेकर वे चिंतिंत ही रहेंगे।

- सभी विद्यार्थियों के अच्छे अंक होने से मेरिट में आने वाले छात्र-छात्राएं तनाव में हैं।

Posted By: Ravindra Suhane

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