जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ज्ञान गंगा इंटरनेशनल स्कूल में ब्रिटिश काउंसिल इंटरनेशनल डाइमेंशन आफ स्कूल के अंतर्गत अपशिष्ट प्रबंधन गति​विधि का आयोजन किया गया। जिसमें विद्या सागर इंग्लिश सेकंडरी स्कूल, बनेपा, कावरे नामक नेपाल के साथ एक सहयोगी गति​विधि थी। इसके अंतर्गत छठवीं से दसवीं कक्षा के लिए विभिन्न गति​विधियों का आयोजन किया गया। जिसमें अपशिष्ट सामग्री का पृथक्करण, स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत कचरे का संग्रह, बायोडिग्रेडेबल कचरे का संग्रह और उपचार का अध्ययन के साथ ही नारा लेखन प्रतियोगिता शामिल रही। इन गतिविधियों का उद्देश्य अपशिष्ट संचय और इसके प्रबंधन के हानिकारक प्रभाव से भारत के साथ-साथ भागीदार देश नेपाल के पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना और उन्हें इस बात के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराना था। इस परियोजना ने विद्यार्थियों को अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के सतत लक्ष्य को वि​कसित करने में भी मदद की। आयोजन द्वारा विद्यार्थियों को अपशिष्ट प्रबंधन के तरीके बताए गए। साथ ही विद्यार्थियों ने भी प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन पर अपने विचार और सुझाव रखे।

बचपन से जागरूकता जरूरी : ज्ञान गंगा इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य डा. राजेश कुमार चंदेल ने बताया कि विद्यार्थियों को बचपन से ही इन बातों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। तभी वे बडे होकर एक अच्छे व जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। यदि बच्चा कुछ सीखता है तो वह अपने परिवार, दोस्तों तक भी उस अच्छी बात का प्रचार करता है। विद्यार्थियों में मानवीय गुणों का विकास करना भी शिक्षण कार्य के अंतर्गत आता है। कार्यक्रम का आयोजन आनलाइन किया गया। संबंधित कक्षाओं के विज्ञान के शिक्षकों के साथ आइडीएस गतिविधि प्रभारी ने परियोजनाओं के बारे में बताया।

Posted By: Brajesh Shukla

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